Palamu: पलामू जिले के पिपरा थाना क्षेत्र स्थित पोलदा गांव में एक 19 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार शाम युवती का शव उसके ससुराल के कमरे में फंदे से लटका मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। मृतका की पहचान काजल कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे दहेज के लिए की गई हत्या बताया है।
दहेज को लेकर प्रताड़ना का आरोप
जानकारी के अनुसार काजल की शादी इसी वर्ष 25 मार्च को पोलदा गांव निवासी अभिषेक पासवान के साथ हुई थी। काजल का मायका बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र के धनीबार गांव में है। शादी के महज तीन महीने बाद उसकी मौत की खबर मिलने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतका के पिता मिंटू पासवान ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही बेटी को अतिरिक्त दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा था। उनका कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर काजल के साथ लगातार दुर्व्यवहार और मारपीट की जाती थी। कई बार उसने अपने मायके वालों को भी इसकी जानकारी दी थी।
हत्या कर आत्महत्या दिखाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि काजल की हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को फंदे से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या का प्रतीत हो। घटना की सूचना मिलने के बाद मायके पक्ष के लोग तत्काल पोलदा गांव पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत सौंपकर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पिपरा थाना पुलिस ने मृतका के पति अभिषेक पासवान, सास प्रेमनी देवी और देवर अक्षय कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने बताया कि शिकायत में दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए गए हैं।
हर पहलू से जांच कर रही पुलिस
थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि शव बंद कमरे में फंदे से लटका मिला था। पुलिस आत्महत्या, दहेज हत्या और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। शादी के कुछ ही महीनों बाद नवविवाहिता की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच में जुटी हुई है।