Jamshedpur: "मेरा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। हॉस्टल की जिस खिड़की से उसके गिरने की बात कही जा रही है, वहां से खुद कूदना मुमकिन ही नहीं है। कॉलेज प्रशासन सच छिपा रहा है, साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है और राजनीतिक दल इस चुप्पी साधे बैठे हैं। मुझे सिर्फ और सिर्फ अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए।" यह दर्द और आक्रोश उस लाचार पिता का है, जिसका 19 वर्षीय जवान बेटा बेंगलुरू में पढ़ाई करने गया था, लेकिन वापस आई तो सिर्फ उसकी मौत की खबर।
बेंगलुरू के येलाहंका न्यू टाउन स्थित मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) के हॉस्टल में बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र लक्ष्य मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। लक्ष्य मूल रूप से जमशेदपुर के कदमा भाटिया बस्ती का रहने वाला था। उसके पिता अंजनी मिश्रा (केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, गुमला में कार्यरत) ने कॉलेज प्रशासन पर हत्या और साजिश का सीधा आरोप लगाया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक के लिए भटक रहे पिता, कॉलेज प्रशासन की संदेहास्पद चुप्पी
पीड़ित पिता अंजनी मिश्रा का आरोप है कि घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें अपने ही बेटे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं सौंपी गई है। कॉलेज प्रबंधन कुछ भी साफ-साफ बताने को तैयार नहीं है और पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। पिता ने संस्थान के दावों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि कॉलेज का दावा है कि लक्ष्य ने आत्महत्या की है, तो अब तक परिवार को घटना की पूरी सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं दिखाई गई और उसे छिपाया क्यों जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नौवीं मंजिल से गिरने के बावजूद लक्ष्य के शव पर उस तरह के गंभीर चोट के निशान नहीं थे, जो इतनी ऊंचाई से गिरने की स्थिति में सामान्यतः दिखाई देते हैं। इसके अलावा, घटना के समय रूममेट की अनुपस्थिति और उसके बयानों में भारी विरोधाभास होने की बात भी सामने आई है, जिसे पिता ने बेहद संदिग्ध बताते हुए इसकी गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
नेताओ की बेरुखी से टूटा पिता का दिल
बेटे को खो चुके पिता ने न्याय की गुहार लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने मुख्यमंत्री (CM) से लेकर क्षेत्र के तमाम बड़े नेताओं के दरवाजे खटखटाए। उन्होंने बताया कि इस गंभीर मामले को लेकर विधायक सरयू राय को भी बकायदा पत्र सौंपकर मदद मांगी गई, लेकिन किसी भी बड़े नेता ने इस मामले में कोई ठोस सहयोग नहीं किया।
पिता का दर्द: "आज बड़े-बड़े नेता हर मुद्दे पर राजनीति करते हैं, लेकिन जमशेदपुर के एक होनहार बेटे की संदिग्ध मौत पर दीपिका पांडेय ने सिर्फ एक ट्वीट किया। किसी भी बड़े राजनेता ने इस मामले को संज्ञान में नहीं लिया। हम पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं।"
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, घटना मंगलवार तड़के करीब 1:30 बजे की है, जब लक्ष्य गोविंदपुरा स्थित कॉलेज हॉस्टल की नौवीं मंजिल से नीचे गिर गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 8 अप्रैल को पोस्टमार्टम के बाद बेंगलुरू में ही उसका अंतिम संस्कार किया गया, जिसके बाद 10 अप्रैल को टूट चुका यह परिवार जमशेदपुर लौटा। पुलिस ने फिलहाल बीएनएसएसी की धारा 194(4) के तहत अप्राकृतिक संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया है।