US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के बाद हालात सामान्य होते नहीं दिख रहे हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की सख्त चेतावनी ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है.
अमेरिका ने बातचीत के साथ सख्त कार्रवाई का भी दिया संकेत
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि यदि किसी मुद्दे पर मतभेद हैं तो उन्हें बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है, लेकिन हिंसा का रास्ता अपनाने पर अमेरिका चुप नहीं बैठेगा. उनका कहना है कि वॉशिंगटन अब तक युद्धविराम की शर्तों का पालन करता रहा है, लेकिन यदि अमेरिकी हितों या अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा.
जहाज पर हमला बना नए विवाद की वजह
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक व्यापारिक जहाज पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला किया. अमेरिकी प्रशासन ने इसे समुद्री व्यापार की सुरक्षा और हालिया हमले के जवाब में उठाया गया कदम बताया. दूसरी ओर तेहरान ने इस कार्रवाई को युद्धविराम के खिलाफ बताते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका ने समझौते की भावना को कमजोर किया और अपनी सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव को फिर बढ़ा दिया.
ईरान का पलटवार, युद्धविराम तोड़ने का भी लगाया आरोप
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई के तहत खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. साथ ही चेतावनी दी गई कि भविष्य में किसी भी सैन्य कदम का पहले से अधिक सख्त जवाब दिया जाएगा. हालांकि, इस कार्रवाई से हुए नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. वहीं ईरान की संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका पर युद्धविराम की भावना को कमजोर करने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि हालिया घटनाओं से क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिशों को झटका लगा है और पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का खतरा फिर गहरा गया है.