Bihar News: बिहार के जमुई स्थित झाझा थाना क्षेत्र के दादपुर गांव में एक जुलाई को होने वाली शादी से ठीक पहले खुशियां मातम में बदल गईं। रविवार रात हुए खूनी हमले में गंभीर रूप से घायल बेबी देवी की पटना ले जाने के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही सोमवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने एनएच-333 पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी व कड़ी कार्रवाई की मांग की।
बिजली काटकर हथियारबंद हमला, छह घायल
रविवार रात करीब नौ बजे दर्जनभर हथियारबंद हमलावरों ने दिनेश यादव के घर पर धावा बोल दिया। परिजनों का आरोप है कि पहले घर की बिजली काटी गई, फिर तलवार, टांगी समेत अन्य हथियारों से परिवार के लोगों पर हमला किया गया। इस घटना में बेबी देवी समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को पहले झाझा सीएचसी, फिर सदर अस्पताल जमुई और बाद में पीएमसीएच पटना रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में बेबी देवी ने दम तोड़ दिया। घटना के समय घर के मुखिया दिनेश यादव अपनी बेटी काजल की शादी की खरीदारी के लिए बाजार गए हुए थे।
जमीन विवाद में रिश्तेदारों पर हमला कराने का आरोप
घायल परिजनों ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद को लेकर दिनेश यादव के बड़े भाई वासुदेव यादव ने घर का दरवाजा खोलकर हमलावरों को अंदर प्रवेश कराया। काजल कुमारी ने दावा किया कि हमलावरों ने दो-तीन राउंड फायरिंग भी की, जिसमें उसकी मां सुहागा देवी के पैर में गोली लगी। साथ ही शादी के लिए रखे जेवरात और मोबाइल फोन भी लूट लिए गए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस जांच में जुटी, सभी आरोपी फरार
घटना की सूचना पर झाझा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों व परिजनों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर पहुंचने तक सभी आरोपित फरार हो चुके थे। परिजनों ने वासुदेव यादव, सुभाष यादव और मनोज यादव समेत अन्य लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
एनएच-333 जाम कर ग्रामीणों ने न्याय और गिरफ्तारी की उठाई मांग
सोमवार सुबह बेबी देवी की मौत के बाद पूरे दादपुर गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। जिस आंगन से 1 जुलाई को काजल की डोली उठनी थी, वहां अब मातम पसरा है। सड़क जाम के दौरान ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी, कठोर कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।