Ranchi News: वर्ष 2010 के बहुचर्चित करोड़ों रुपये के अलकतरा (बिटुमेन) घोटाला मामले में सोमवार को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन एक अधिवक्ता के निधन के कारण यह टल गया. सीबीआई (CBI) के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में शोकसभा आयोजित होने और अधिवक्ताओं द्वारा न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण फैसला नहीं हो सका. अब अदालत ने मामले की अगली सुनवाई और फैसला सुनाने के लिए 30 जून की तिथि निर्धारित की है.
दो आरोपी अभी भी कर रहे हैं ट्रायल का सामना
इस मामले में सीबीआई की ओर से लोक अभियोजक खुशबू जायसवाल पैरवी कर रही हैं. केस में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दिलीप कुमार सिंह, तत्कालीन प्रबंध निदेशक पवन कुमार सिंह, आरसीडी (RCD) जमशेदपुर के तत्कालीन सहायक अभियंता अनिल कुमार वर्मा और जूनियर इंजीनियर सुरेश शर्मा आरोपी बनाए गए थे. हालांकि, सुनवाई के दौरान पवन कुमार सिंह और अनिल कुमार वर्मा का निधन हो चुका है. वर्तमान में केवल दिलीप कुमार सिंह और सुरेश शर्मा ही इस मामले में ट्रायल का सामना कर रहे हैं.
47 फर्जी बिलों से हुई थी करोड़ों रुपये की निकासी
यह मामला चक्रधरपुर-खरसावां सड़क निर्माण परियोजना से जुड़ा है. आरोप है कि रोड कंस्ट्रक्शन डिवीजन (RCD), जमशेदपुर में 47 फर्जी बिलों के माध्यम से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की गई थी.
इस गड़बड़ी का खुलासा तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने किया था. उन्होंने मामले की जानकारी सीबीआई को दी, जिसके बाद जांच में क्लासिक कोल कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों और विभागीय अभियंताओं की संलिप्तता सामने आई.
2010 में दर्ज हुआ था मामला
सीबीआई ने 16 फरवरी 2010 को RC-3(A)/2010-R कांड संख्या के तहत मामला दर्ज किया था. इसके बाद 22 अप्रैल 2011 को चार्जशीट दाखिल की गई. अदालत ने 5 दिसंबर 2018 को आरोप तय किए, जिसके बाद गवाहों के बयान और लंबी सुनवाई का सिलसिला चला.
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 29 जून 2026 को फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की थी, लेकिन अधिवक्ता के निधन के कारण यह टल गया. अब इस बहुचर्चित मामले में 30 जून को फैसला आने की संभावना है.