Jamshedpur Big Breaking: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन पब एंड बार के बाहर शनिवार देर रात हुई चापड़बाजी में गंभीर रूप से घायल करणी सेना के नेता हिमांशु कुमार सिंह की सोमवार शाम टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में इलाज के दौरान मौत हो गई। हिमांशु की मौत के बाद शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। बिष्टुपुर थाना, टीएमएच और रीगल गोलचक्कर के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, परिजनों, करणी सेना और क्षत्रिय समाज के लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और रीगल गोलचक्कर जाम कर दिया है।
"मेरा इकलौता बेटा था, पुलिस के सामने खींचकर मार डाला"
मीडिया से बातचीत के दौरान हिमांशु की मां बार-बार फूट-फूटकर रोती रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका इकलौता बेटा पुलिस की मौजूदगी में पीसीआर वाहन से बाहर खींचकर चाकुओं से गोद दिया गया।
उन्होंने कहा, "मेरा एक ही बेटा था। पुलिस के सामने उसे गाड़ी से निकालकर बेरहमी से मार दिया गया।"
परिजनों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पूरी घटना पुलिस के सामने हुई, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
सीटी एसपी की गाड़ी पर आक्रोशित लोगों किया हमला, टूटा पीछे का शीशा
हिमांशु सिंह की मौत की सूचना मिलते ही टीएमएच, बिष्टुपुर थाना और रीगल गोलचक्कर के आसपास भारी भीड़ जुट गई। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित लोगों ने सिटी एसपी ललित मीणा की सरकारी गाड़ी पर हमला कर दिया, जिससे वाहन के पीछे का शीशा टूट गया। घटना के बाद पुलिस ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे तीखे सवाल
घटना के बाद लोगों में पुलिस के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस हेलमेट जांच और छोटे-छोटे मामलों में जिस तरह सक्रिय रहती है, उसी तत्परता से इस वारदात के दौरान कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उनका आरोप है कि पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
प्रदर्शनकारियों ने हाल के चर्चित मामलों का भी हवाला दिया। उनका कहना था कि कैरव गांधी अपहरण कांड में जब पुलिस अपराधियों को हथियार बरामद कराने के लिए घटनास्थल पर ले गई थी, तब पुलिस के अनुसार एक आरोपी ने एक जवान की कारबाइन छीनने का प्रयास किया था। उस दौरान देर रात करीब साढ़े तीन बजे अंधेरे में पुलिस ने आरोपी के पैर में गोली मारकर उसे काबू कर लिया था। इसी तरह सिदगोड़ा चेन स्नैचिंग कांड में भी पुलिस ने दावा किया था कि आरोपियों ने पुलिसकर्मी का रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उनके पैर में गोली मारकर उन्हें पकड़ लिया।
इन्हीं घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि जब डबल डाउन बार के बाहर पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह पर चापड़ और चाकुओं से हमला किया जा रहा था, तब वैसी त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उनका कहना था कि न तो लाठीचार्ज किया गया और न ही हमलावरों को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इन सवालों पर पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रत्युष सिंह की हालत भी गंभीर
इस हमले में हिमांशु के साथ गंभीर रूप से घायल प्रत्युष सिंह का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
अब हत्या का मामला, भाजपा नेता व बार मालिक समेत 10 नामजद
हिमांशु की मौत के बाद मामला अब हत्या में बदल गया है। बिष्टुपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी में भाजपा नेता एवं डबल डाउन बार के मालिक नीरज सिंह, दूसरे संचालक विजय कुमार तथा अन्य आरोपियों सहित 10 लोगों को नामजद किया गया है।
एफआईआर में भाजपा नेता एवं डबल डाउन बार के मालिक नीरज सिंह, बार संचालक विजय कुमार, सोनू राम सरदार उर्फ सोनू मंडल, विश्वनाथ मंडल, राहुल, राज लोहार, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार और लखन मार्डी को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा एक अज्ञात आरोपी को भी अभियुक्त बनाया गया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने घटना के तुरंत बाद मौके से सोनू राम सरदार और राज लोहार को गिरफ्तार कर लिया था। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
शाम से शुरू हुआ था विवाद
प्राथमिकी के अनुसार, विवाद शनिवार शाम करीब 6 बजे शुरू हुआ था और देर रात तक चलता रहा। आरोप है कि पहले बार के अंदर मारपीट और विवाद हुआ, जिसके बाद बाहर निकलने पर हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया गया।
बिष्टुपुर में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
हिमांशु की मौत के बाद बिष्टुपुर इलाके में तनाव का माहौल है। टीएमएच, बिष्टुपुर थाना और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। करणी सेना और क्षत्रिय समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज करने का आश्वासन दिया।