विस्फोट के बाद मची अफरा-तफरी
मंगलवार सुबह करीब चार बजे संयंत्र परिसर में अचानक जोरदार धमाका हुआ. विस्फोट के साथ ही पाइपलाइन में आग भड़क उठी और कुछ ही देर में ऊंची लपटें दूर तक दिखाई देने लगीं. धमाके की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलने पर दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया.
घायलों का इलाज जारी, रेल संचालन पर पड़ा असर
राहत और बचाव टीमों ने आग से प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया. सभी घायलों को पहले हल्दिया महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि पांच कर्मचारियों को बेहतर उपचार के लिए तामलुक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया. प्रशासन के मुताबिक दो कर्मचारियों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. घटना के कारण पास से गुजरने वाली हल्दिया-पांशकुड़ा रेल लाइन की ओवरहेड बिजली व्यवस्था और ट्रैक के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा, जिसके चलते कुछ ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित रहा.
रिसाव की आशंका पर जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि नेफ्था गैस के रिसाव के बाद यह विस्फोट हुआ. हालांकि हादसे की सटीक वजह अभी सामने नहीं आई है. हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है. कंपनी का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज, कर्मचारियों की सुरक्षा और संयंत्र की स्थिति को सामान्य बनाने पर है. प्रशासन भी पूरे मामले की निगरानी कर रहा है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.