Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के लिए बड़ी पहल की है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की महत्वाकांक्षी “जागृति” परियोजना के तहत कांके प्रखंड के नगड़ी में बनने वाले RIMS-2 के निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय निविदा जारी कर दी गई है। करीब ₹4100 करोड़ की लागत से बनने वाला यह 2800 बेड का अत्याधुनिक मल्टी स्पेशलिटी टीचिंग कम मेडिकल कॉलेज होगा, जो राज्य का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बनेगा।
डिजाइन एंड बिल्ड मॉडल पर बनेगा RIMS-2, 17 अगस्त तक टेंडर जमा
परियोजना का निर्माण डिजाइन एंड बिल्ड मॉडल पर किया जाएगा। निर्माण की जिम्मेदारी झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड (JSBCCL) को सौंपी गई है, जबकि इस महत्वाकांक्षी योजना को एशियाई विकास बैंक (ADB) की वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 17 अगस्त 2026 और प्री-बिड बैठक 10 जुलाई 2026 को आयोजित होगी।
अनुभवी कंपनियों को ही मिलेगी टेंडर में भागीदारी, सख्त पात्रता शर्तें लागू
सरकार ने निविदा में केवल अनुभवी कंपनियों को ही भाग लेने की अनुमति दी है। पात्रता के लिए पिछले तीन वर्षों में ₹1667 करोड़ का औसत वार्षिक निर्माण कारोबार, ₹208 करोड़ की वित्तीय क्षमता तथा 350 बेड या उससे अधिक क्षमता वाले अस्पताल के निर्माण का अनुभव अनिवार्य रखा गया है। साथ ही बड़ी अस्पताल एवं संस्थागत परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने का अनुभव भी जरूरी होगा।
RIMS-2 में मिलेंगी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं
RIMS-2 में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, मेडिकल गैस पाइपलाइन, हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम, सेंट्रल स्टरलाइजेशन यूनिट, न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम, आधुनिक वातानुकूलन, अग्निशमन व्यवस्था और जल एवं अपशिष्ट शोधन संयंत्र जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य झारखंड में गंभीर बीमारियों के इलाज और चिकित्सा शिक्षा की क्षमता को कई गुना बढ़ाना है।
RIMS पर घटेगा मरीजों का दबाव, केंद्र से ₹2000 करोड़ सहयोग की मांग
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान में बरियातू स्थित RIMS पर झारखंड के अलावा बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों से आने वाले मरीजों का भारी दबाव रहता है। नगड़ी में बनने वाला 2800 बेड का RIMS-2 इस दबाव को कम करेगा और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस परियोजना के लिए ₹2000 करोड़ के सहयोग की भी अपील की है।