Jamshedpur: भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 4 जुलाई का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के साणंद स्थित सीजी सेमीकॉन ओएसएटी (CG Semi OSAT) प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसी अवसर पर भारत में बनी पहली Made In India कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप की पहली खेप वैश्विक बाजार के लिए रवाना की जाएगी। यह कार्यक्रम देशभर में विभिन्न राष्ट्रीय चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारित होगा।
जमशेदपुर की तनिषा गौतम को मिला प्रधानमंत्री से संवाद का अवसर
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में जमशेदपुर की बेटी तनिषा गौतम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री कंपनी के इंजीनियरों, तकनीशियनों और कर्मचारियों से बातचीत करेंगे, जिसमें तनिषा गौतम भी अपने अनुभव साझा करेंगी। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे जमशेदपुर और झारखंड के लिए गर्व का विषय है।
सीजी सेमी में कार्यरत हैं तनिषा गौतम
तनिषा गौतम वर्तमान में गुजरात के अहमदाबाद के साणंद स्थित सीजी सेमी में डिप्लोमा इंजीनियर ट्रेनी के रूप में कार्यरत हैं और भारत के पहले कमर्शियल सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं।
शिक्षा और करियर की शुरुआत
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, टाटानगर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने एनटीटीएफ-टीएसटीआई से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डीज में की थी, जिसके बाद वह वर्तमान में देश के महत्वाकांक्षी सेमीकंडक्टर मिशन से जुड़ी हुई हैं।
कार्यक्रम में कर्मचारियों से संवाद करेंगे प्रधानमंत्री
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्मचारियों से उनके कार्य अनुभव, पारिवारिक पृष्ठभूमि और भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के भविष्य को लेकर भी बातचीत करेंगे।
भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
भारत में बनी पहली कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप का वैश्विक बाजार में प्रवेश इस बात का प्रतीक माना जा रहा है कि देश अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय तकनीक का निर्माता भी बन रहा है।
जमशेदपुर के युवाओं के लिए प्रेरणा बनी तनिषा गौतम
तनिषा गौतम की इस उपलब्धि से जमशेदपुर के युवाओं में भी उत्साह है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत, प्रतिभा और समर्पण के बल पर छोटे शहरों से निकलकर भी देश के सबसे बड़े तकनीकी अभियानों का हिस्सा बना जा सकता है।