West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है. कोलकाता स्थित पार्टी के राज्य कार्यालय पर बागी गुट के कब्जे के दावे के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. ममता बनर्जी समर्थक नेताओं ने इसे अवैध बताते हुए पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है, जबकि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
कार्यालय पर दावे से बढ़ा विवाद
कोलकाता के मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में स्थित तृणमूल कांग्रेस के राज्य कार्यालय को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कार्यालय पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया. इस दौरान कार्यालय के बाहर नया पोस्टर लगाया गया, जिसमें अरूप राय को चेयरमैन के रूप में दर्शाया गया. घटनाक्रम के बाद किसी भी तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और सीआरपीएफ की तैनाती की गई.
ममता खेमे ने कार्रवाई की मांग की
तृणमूल कांग्रेस के नेता और अधिवक्ता बैश्वानर चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि पार्टी से निष्कासित लोगों ने जबरन कार्यालय में प्रवेश किया है और उन्हें ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है. उनका कहना है कि यह कदम पूरी तरह गैरकानूनी है और पुलिस को मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं विधायक मदन मित्रा ने दावा किया कि बागी गुट भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक भाजपा की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कार्यालय में प्रवेश करने वालों को नहीं रोका गया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने कानून का सम्मान करते हुए कोई बलपूर्वक कदम नहीं उठाया, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है.