Ranchi News : झारखंड के बहुचर्चित कथित शराब घोटाला मामले की जांच तेज हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को रोहित उरांव तय समय पर रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। माना जा रहा है कि ED उनसे मामले से जुड़े विभिन्न वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और कथित शराब कारोबार से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
योगेंद्र तिवारी से जुड़े मामले में जारी हुआ था दूसरा समन
प्रवर्तन निदेशालय योगेंद्र तिवारी से जुड़े कथित शराब घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रहा है। इसी जांच के दौरान एजेंसी ने रोहित उरांव को दूसरा समन जारी कर 6 जुलाई को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इससे पहले उन्हें 29 जून को ED कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था। वहीं, झारखंड सरकार के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव को 30 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
तीन सप्ताह का समय मांगा था, ED ने दी एक सप्ताह की मोहलत
पहले समन के बाद रोहित उरांव और रामेश्वर उरांव दोनों ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए ED से तीन-तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था। एजेंसी ने उनके अनुरोध पर विचार किया, लेकिन तीन सप्ताह की बजाय केवल एक सप्ताह की मोहलत दी। इसके बाद दोनों को नए सिरे से समन जारी किए गए।
7 जुलाई को रामेश्वर उरांव से होगी पूछताछ
दूसरे समन के अनुसार रोहित उरांव को 6 जुलाई और पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव को 7 जुलाई को ED के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया। सोमवार को रोहित उरांव ED कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ जारी है। वहीं, रामेश्वर उरांव मंगलवार को एजेंसी के सामने पेश होंगे।
पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई संभव
सूत्रों के अनुसार, ED पूछताछ के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों से जानकारी जुटा रही है। रोहित उरांव के बयान के बाद यदि जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है, तो एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई या अतिरिक्त पूछताछ का निर्णय ले सकती है। वहीं, रामेश्वर उरांव से मंगलवार को होने वाली पूछताछ भी इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।