Seraikela: सरायकेला में तीन शताब्दियों से अधिक समय से आयोजित हो रही जगन्नाथ रथयात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित की जाएगी। श्री जगन्नाथ सेवा समिति के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। समिति के पदाधिकारी आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में जुटे हैं। समिति के अनुसार, 14 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 16 जुलाई को भगवान तीनों विग्रह रथ पर विराजमान होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
चंपई सोरेन होंगे मुख्य अतिथि
रथयात्रा के दौरान सरायकेला राजपरिवार की परंपरा के अनुसार गजपति राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव छेरा-पोंहरा की रस्म निभाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु भगवान के रथ को रस्सी से खींचते हुए मौसीबाड़ी तक ले जाएंगे। इस वर्ष रथ महोत्सव में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सरायकेला के विधायक चंपई सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सोमवार को श्री जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष लिपू महंती, सचिव शंकर, उपाध्यक्ष गोलक और सदस्य राजेश मिश्रा ने उनके आवास पहुंचकर उन्हें रथयात्रा में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
परंपरा को बताया सांस्कृतिक विरासत
निमंत्रण स्वीकार करते हुए चंपई सोरेन ने कहा कि सरायकेला की जगन्नाथ रथयात्रा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और संरक्षित रखने के लिए सभी लोगों का सहयोग आवश्यक है। साथ ही उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के प्रयासों की सराहना की।