Jharkhand Promotion Rules: झारखंड सरकार की नई प्रोन्नति नियमावली को लेकर सचिवालय सेवा संघ ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है. संघ ने 12 जुलाई को आमसभा बुलाने का फैसला किया है. इस बैठक में नई नियमावली के विरोध और आगे की आंदोलनात्मक रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा.
संघ का कहना है कि नए प्रावधानों का असर सचिवालय संवर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नति पर पड़ेगा. कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़ सकता है. इसका सीधा असर उनके वेतन, भत्तों और सेवा लाभों पर भी पड़ेगा.
प्रोन्नति की अवधि को लेकर विवाद
सरकार की ओर से जारी नियमावली में कहा गया है कि जिन संवर्गों में पदोन्नति की समय-सीमा पहले से तय है, वहां पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी. लेकिन जिन संवर्गों में प्रोन्नति की कोई निर्धारित अवधि नहीं थी, वहां मध्य स्तर की सेवा अवधि को जोड़कर नई समय-सीमा तय की गई है.
इसी प्रावधान को लेकर सचिवालय सेवा संघ ने आपत्ति दर्ज कराई है. संघ का आरोप है कि प्रोबेशन अवधि और पदोन्नति से जुड़े वर्षों को एक साथ जोड़ने से कर्मचारियों के लिए अगले पद तक पहुंचने का समय बढ़ जाएगा.
2014 के संकल्प पर उठाए सवाल
संघ के अनुसार, नई नियमावली में वर्ष 2014 के संकल्प को आधार बनाकर कुछ संवर्गों के लिए नई गणना प्रणाली बनाई गई है. इससे लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों की पदोन्नति प्रभावित हो सकती है.
संघ का कहना है कि जिन संवर्गों में पहले से स्पष्ट नियम थे, वहां पुरानी व्यवस्था को बनाए रखा गया है. वहीं जिन संवर्गों में समय-सीमा तय नहीं थी, उनके लिए लागू की गई नई व्यवस्था भेदभावपूर्ण और व्यवहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है.
आमसभा में तय होगी आंदोलन की रणनीति
सचिवालय सेवा संघ ने साफ किया है कि 12 जुलाई की आमसभा में सभी कर्मचारियों की राय ली जाएगी. बैठक में सरकार से नियमावली में संशोधन की मांग, ज्ञापन, धरना या अन्य आंदोलनात्मक कदमों पर फैसला लिया जा सकता है.