Jharkhand Finance Department: झारखंड वित्त विभाग ने सरकारी वित्तीय सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सटीक और सुगम बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम की व्यापक समीक्षा शुरू करने का फैसला लिया है. विभाग डीडीओ लेवल बिल एंट्री सिस्टम, ट्रेजरी एप्लीकेशन और पेंशन मॉड्यूल का सिस्टम ऑडिट कराएगा. इस पहल का उद्देश्य सरकारी बिलों के भुगतान में होने वाली देरी कम करना, तकनीकी दिक्कतों को दूर करना और पेंशनभोगियों को बेहतर डिजिटल सेवा उपलब्ध कराना है.
डीडीओ बिल एंट्री, ट्रेजरी और पेंशन सिस्टम की होगी समीक्षा
वित्त विभाग की डिजिटल कार्यप्रणाली में डीडीओ लेवल बिल एंट्री सिस्टम, ट्रेजरी एप्लीकेशन और पेंशन मॉड्यूल की महत्वपूर्ण भूमिका है. इन माध्यमों से सरकारी कार्यालयों के बिल, भुगतान, कोषागार से जुड़ी प्रक्रियाएं और पेंशन सेवाएं संचालित होती हैं. विभाग अब इन सभी मॉड्यूल्स की कार्यक्षमता, तकनीकी व्यवस्था और उपयोग के दौरान आने वाली समस्याओं का विस्तृत आकलन करेगा. समीक्षा के बाद सुधार की कार्ययोजना तैयार की जाएगी.
मो. हैदर अली को मिली तकनीकी जिम्मेदारी
वित्त विभाग ने इस काम के लिए सहायक प्रशाखा पदाधिकारी मो. हैदर अली को नामित किया है. उन्हें सिस्टम के तकनीकी पक्षों का अध्ययन करने और कमियों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है. मो. हैदर अली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट कोषांग के साथ सीधे समन्वय बनाकर काम करेंगे. विभाग का लक्ष्य सिस्टम में मौजूद खामियों को पहचानकर उन्हें चरणबद्ध तरीके से दूर करना है.
यूजर मैनुअल और डिजाइन डॉक्यूमेंट तैयार होंगे
समीक्षा प्रक्रिया के तहत सभी मॉड्यूल्स से जुड़े यूजर मैनुअल और स्टैंडर्ड डिजाइन डॉक्यूमेंट का संकलन किया जाएगा. इसके बाद संबंधित शाखाओं को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे कर्मचारियों को सिस्टम के उपयोग, प्रक्रिया और तकनीकी प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी. नए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने में भी सुविधा होगी.
तकनीकी त्रुटियों और डेटा विसंगतियों की होगी पहचान
सिस्टम ऑडिट के दौरान तकनीकी त्रुटियों, डेटा में अंतर और प्रक्रियागत कमियों की पहचान की जाएगी. विभाग यह भी देखेगा कि किन कारणों से बिल भुगतान, ट्रेजरी प्रक्रिया या पेंशन से जुड़े कामों में देरी हो रही है. पहचान की गई कमियों के आधार पर सुधार के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इस रिपोर्ट के आधार पर तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं.
तकनीकी टीम और शाखाओं के बीच बनेगा समन्वय
इस प्रक्रिया में तकनीकी टीम और प्रशासनिक शाखाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया जाएगा. व्यावहारिक समस्याओं को समझकर ऐसा सुधार प्रस्ताव तैयार किया जाएगा, जिससे सरकारी कर्मचारियों, विभागों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिल सके.