Jamshedpur: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या का समाधान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिला प्रशासन की देखरेख में तैयार की जा रही सुवर्णरेखा नदी आधारित जलापूर्ति परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब 15 जुलाई को परियोजना का महत्वपूर्ण ट्रायल किया जाएगा। यदि परीक्षण सफल रहा तो अगस्त के पहले सप्ताह से अस्पताल को पाइपलाइन के जरिए नियमित रूप से शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा।
इंटेकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचेगा पानी
परियोजना के तहत सुवर्णरेखा नदी के शंकोसाई-श्यामनगर क्षेत्र में बनाए गए इंटेकवेल का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं इंटेकवेल से एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर के पीछे स्थापित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी लगभग समाप्त हो गया है। फिलहाल अंतिम तकनीकी तैयारियां और परीक्षण किए जा रहे हैं। 15 जुलाई को होने वाले ट्रायल में नदी से पानी उठाकर पाइपलाइन के माध्यम से सीधे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान जल प्रवाह, पाइपलाइन का दबाव, रिसाव और अन्य तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी। परीक्षण सफल रहने के बाद शुद्धिकरण संयंत्र को चालू कर नियमित जलापूर्ति शुरू करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पानी की कमी से अस्पताल की सेवाएं हुई थीं प्रभावित
एमजीएम अस्पताल पिछले कई महीनों से गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण अस्पताल की कई आवश्यक सेवाएं प्रभावित होती रही हैं। सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम, वाटर प्यूरीफायर, शौचालयों की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के संचालन में लगातार परेशानी आ रही थी। कई अवसरों पर ऑपरेशन थिएटर के कामकाज पर भी इसका असर पड़ा, जबकि मरीजों और उनके परिजनों को पीने का पानी बाहर से खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा।
फिलहाल टैंकरों के सहारे चल रही है व्यवस्था
वर्तमान में अस्पताल की जलापूर्ति मानगो नगर निगम के टैंकरों पर निर्भर है। प्रतिदिन 10 से 15 टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन यह अस्पताल की वास्तविक आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही। कुछ सप्ताह पहले उपायुक्त राजीव रंजन ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद काम में उल्लेखनीय गति आई और अब यह योजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यदि 15 जुलाई का ट्रायल सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में एमजीएम अस्पताल को स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था मिल जाएगी, जिससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल प्रबंधन को लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।