Rahul Gandhi Defamation Case: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को अमित शाह पर कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में बड़ी राहत मिली है. उत्तर प्रदेश की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भाजपा नेता विजय मिश्र की ओर से दायर निगरानी याचिका खारिज कर दी. अदालत ने स्पष्ट किया कि जब मामला निचली अदालत में अंतिम बहस के चरण में है, तब उसमें हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में होगी.
अंतिम बहस के बीच हस्तक्षेप से अदालत का इनकार
एमपी-एमएलए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में मानहानि मामले की सुनवाई अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. ऐसे में निचली अदालत की कार्यवाही रोकने या उसके आदेश में दखल देने का कोई आधार नहीं बनता. इसी वजह से निगरानी याचिका को खारिज कर दिया गया.
वॉयस सैंपल को लेकर दायर की गई थी याचिका
यह मामला वर्ष 2018 में राहुल गांधी की उस कथित टिप्पणी से जुड़ा है, जिसे शिकायतकर्ता विजय मिश्र ने अपनी मानहानि का आधार बताया है. इसी मामले में शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी का वॉयस सैंपल लेकर जांच कराने की मांग की थी. हालांकि स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 2 मई को यह अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद उसी आदेश को चुनौती देते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की गई, जिसे अब अदालत ने भी स्वीकार नहीं किया.
18 जुलाई को फिर होगी सुनवाई
अदालत के ताजा आदेश के बाद अब मानहानि मामले की सुनवाई पहले की तरह जारी रहेगी. 18 जुलाई को स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में अंतिम बहस आगे बढ़ने की संभावना है. इसके बाद अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी.