East Singhbhum: पूर्वी सिंहभूम जिले के तालसा ग्राम सभा के पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने यूसीआईएल (UCIL) तुरामडीह परियोजना से जुड़े भूमि और अधिकारों के मुद्दों को लेकर उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा। ग्राम सभा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि कई वर्षों से रैयतों के अधिकारों और ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मामलों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई है।
रैयतों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप
ग्राम सभा तालसा की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया है कि यूसीआईएल तुरामडीह परियोजना के अधिकारियों के साथ रैयतों के मौलिक अधिकार और ग्राम सभा के संवैधानिक अधिकारों को लेकर कई बार वार्ता हुई। आरोप है कि इसके बावजूद कई मांगों और मामलों का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने कहा कि इन परिस्थितियों के कारण वे परेशानियों का सामना कर रहे हैं और अब उन्होंने उपायुक्त से हस्तक्षेप की अपील की है।
तुरामडीह परियोजना में अनियमितता का आरोप
ग्राम सभा ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि पूर्वी सिंहभूम जिला पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है। ग्रामीणों ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण और परियोजनाओं के संचालन के दौरान कानूनी प्रावधानों और सामाजिक प्रभाव को ध्यान में रखना जरूरी है। ग्राम सभा ने आरोप लगाया है कि यूसीआईएल तुरामडीह परियोजना से जुड़े कुछ मामलों में नियमों की अनदेखी की गई है। आवेदन में कहा गया है कि रैयतों द्वारा अपने अधिकारों की मांग किए जाने के बावजूद उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम सभा ने अपने आवेदन में तालसा मौजा की एक जमीन से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया है। यह मामला मौजा तालसा के थाना संख्या 1173, खाता संख्या 267 और प्लॉट संख्या 1938 की 0.06 डिसमिल भूमि से संबंधित है। ग्राम सभा के अनुसार, उक्त भूमि के रैयत गुम्दा मुर्मू, पिता मंगल मुर्मू हैं। ग्राम सभा ने उपायुक्त से इस मामले की जांच कर रैयतों के अधिकारों की सुरक्षा और लंबित मांगों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।