Jharkhand Rare Earth Minerals: झारखंड सरकार अब राज्य में रेयर अर्थ मटेरियल (Rare Earth Materials) की संभावनाओं को लेकर बड़े स्तर पर वैज्ञानिक पड़ताल करने की तैयारी में है. खान एवं भूविज्ञान विभाग ने कोडरमा और गिरिडीह में संभावित भंडार की पहचान और उसके आकलन के लिए विस्तृत ड्रिलिंग अभियान शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है.
संभावित भंडार की होगी गहन जांच
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती संकेतों में दोनों जिलों में रेयर अर्थ मटेरियल मिलने की संभावना सामने आई है. अब इस संभावना की पुष्टि के लिए विस्तृत भूवैज्ञानिक सर्वे और वैज्ञानिक ड्रिलिंग कराई जाएगी, ताकि खनिज की वास्तविक उपलब्धता का पता लगाया जा सके.
एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया शुरू
इस परियोजना के लिए सरकार ने गीली कोर ड्रिलिंग, सूखी कोर ड्रिलिंग और गैर-कोर ड्रिलिंग का काम करने वाली विशेषज्ञ एजेंसियों से आवेदन आमंत्रित किए थे. चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसियां फील्ड सर्वे और ड्रिलिंग का कार्य शुरू करेंगी.
वैज्ञानिक आकलन से बनेगी आगे की रणनीति
ड्रिलिंग के दौरान जुटाए गए भूवैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर संभावित खनिज भंडार का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा. इससे यह स्पष्ट होगा कि कोडरमा और गिरिडीह में रेयर अर्थ मटेरियल की मात्रा कितनी है और उसका व्यावसायिक उपयोग किस स्तर तक संभव हो सकता है.
भविष्य की खनन नीति को मिलेगा आधार
सरकार का मानना है कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद इन रणनीतिक खनिजों के संरक्षण, खनन और औद्योगिक उपयोग को लेकर दीर्घकालिक योजना तैयार करने में मदद मिलेगी. इससे राज्य के खनिज क्षेत्र में नए निवेश और विकास की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं.