Amarnath Yatra 2026: जम्मू-कश्मीर में मौसम के बदलते मिजाज और भारी बारिश की गंभीर चेतावनी के बीच प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्री अमरनाथजी यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। कश्मीर के मंडलीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने आधिकारिक तौर पर बताया कि खराब मौसम के मद्देनजर रविवार (19 जुलाई 2026) से बालटाल और नुनवान-चंदनवाड़ी दोनों ही पारंपरिक आधार शिविरों से किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह रोक एहतियातन लगाई गई है और मौसम सामान्य होने के साथ-साथ दोनों यात्रा मार्गों को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही इसे दोबारा शुरू करने पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
21 से 23 जुलाई के बीच कश्मीर में भारी वर्षा का अनुमान
मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 19 जुलाई से 23 जुलाई तक पूरे जम्मू-कश्मीर में व्यापक वर्षा होने की प्रबल संभावना है। इस अवधि के दौरान अधिकांश इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि 21 से 23 जुलाई के बीच कश्मीर संभाग के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, जम्मू संभाग के रियासी और उधमपुर जिलों में 20 से 23 जुलाई के बीच भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में चुनौतियां और अधिक बढ़ सकती हैं।
अब तक 3.70 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन
लगातार होने वाली इस बारिश के कारण पीर पंजाल पर्वतमाला और कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। अनंतनाग, पहलगाम, सोनमर्ग-ज़ोजिला मार्ग सहित जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे प्रमुख रास्तों पर यातायात बाधित होने की भी आशंका है, जिसके चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव को लेकर चेतावनी जारी की गई है। गौरतलब है कि इस साल अब तक 3.70 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं, और वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सभी यात्रियों, पर्यटकों व स्थानीय किसानों को मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने और केवल आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सख्त सलाह दी है।