Ranchi News: झारखंड के पशुपालन विभाग में करीब तीन करोड़ रुपये की कथित अवैध वेतन निकासी के मामले में जांच तेज हो गई है. सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले के मुख्य आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है. जांच एजेंसी उससे फर्जी भुगतान, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य संदिग्ध पहलुओं को लेकर जानकारी जुटा रही है.
रांची और रामगढ़ के मामलों की दोबारा जांच
सीआईडी ने रांची और रामगढ़ में दर्ज दोनों मामलों की पुनः जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच के अनुसार, रांची में करीब 2.94 करोड़ रुपये और रामगढ़ में लगभग 34.25 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई थी. एजेंसी अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है.
फर्जी आईडी से निकाली गई सरकारी राशि
जांच में सामने आया है कि अगस्त 2021 से जनवरी 2022 के बीच फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर सरकारी वेतन की राशि निकाली गई. इसके बाद यह रकम रांची स्थित एक्सिस बैंक के विभिन्न निजी खातों में ट्रांसफर कर दी गई. सीआईडी अब धन के पूरे ट्रेल को खंगाल रही है.
अधिकारियों की भूमिका और संपत्तियों की भी जांच
एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि पूरे मामले में विभाग के किन अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य लोगों की भूमिका रही. साथ ही निकाली गई रकम किन खातों में पहुंची, उसका इस्तेमाल कहां हुआ और क्या उससे किसी प्रकार की संपत्ति या रियल एस्टेट में निवेश किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है.
हार्ड डिस्क जाएगी फोरेंसिक जांच के लिए
रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को दोबारा न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा. वहीं, जांच एजेंसी उस कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी वेतन बिल और दस्तावेज तैयार करने में किया गया था.