National Big News: NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने लोक कल्याण मार्ग के पास हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी नेता NEET से जुड़े मामलों पर संसद में चर्चा कराने और सरकार से जवाब मांग रहे थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक आवाज दबाने का आरोप लगाया, जबकि सरकार की ओर से कहा गया कि वह इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कार्रवाई पर जताई नाराजगी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के हितों के लिए आवाज उठा रहा है और उनकी मांग है कि संसद में इस विषय पर चर्चा हो। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में सांसद इस मुद्दे को उठाना चाहते हैं और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता।
सरकार ने कहा- संसद में चर्चा के लिए तैयार
बीजेपी नेता जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार NEET और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि राहुल गांधी को सरकार की ओर से चर्चा के लिए सहमति की जानकारी दी गई थी। जितेंद्र सिंह के अनुसार, इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि केवल चर्चा पर्याप्त नहीं है। उन्होंने संसद में बहस के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रखी।
राहुल गांधी पर बात बदलने का आरोप
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर अपनी मांग बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का अपनी बात से पीछे हटना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार NEET मामले पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस की ओर से अब तक इस विषय पर औपचारिक चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया है। NEET विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। विपक्ष जहां छात्रों के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है।