Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। धधकिदीह निवासी व्यवसायी सुफल मुर्मू ने चांडिल थाना में लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि हजारीबाग जेल में बंद कुख्यात इनामी नक्सली महाराज प्रामाणिक के नाम का इस्तेमाल कर उनसे प्रतिमाह ₹20 हजार रंगदारी मांगी जा रही है। उन्होंने पुलिस से प्राथमिकी दर्ज करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
व्हाट्सएप कॉल पर धमकी देने का आरोप
आवेदन के मुताबिक, 16 जुलाई 2026 की रात करीब 8:33 बजे उनके सहयोगी नरेश कुमार साहू के मोबाइल नंबर 7970907772 पर 9341240290 नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कॉल करने वाले ने खुद को महाराज प्रामाणिक बताया। इसके बाद कथित तौर पर 9155017641 नंबर से कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए कुछ अन्य लोगों को भी बातचीत में शामिल किया गया।
कई लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
सुफल मुर्मू ने अपने आवेदन में राजू कुम्हार, कार्तिक प्रमाणिक, राजू किस्कू, नयन सोरेन समेत अन्य लोगों पर हर महीने ₹20 हजार रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
होटल बुलाकर हथियार के बल पर डराने का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें भालूकोचा स्थित होटल यदुवंशी बुलाया गया, जहां कुछ लोगों ने कथित तौर पर हथियार के बल पर डराने-धमकाने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई। आवेदन में यह भी कहा गया है कि अगले दिन रास्ते में रोककर दोबारा धमकी दी गई और रंगदारी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। पीड़ित ने पुलिस से संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी जांच कराने, प्राथमिकी दर्ज करने तथा स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
सुरक्षा की मांग को लेकर थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप
आवेदन में सुफल मुर्मू ने यह भी आरोप लगाया है कि सुरक्षा की मांग को लेकर जब उन्होंने चांडिल थाना प्रभारी संतन कुमार तिवारी से संपर्क किया तो उन्हें कथित तौर पर कहा गया, "हम तुम्हारे परिवार के एक-एक सदस्य की सुरक्षा नहीं कर सकते। फिलहाल पुलिस को लिखित आवेदन सौंप दिया गया है। मामले में जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पुलिस के स्तर पर की जाएगी। News26 इस खबर में लगाए गए किसी भी आरोप या दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। पुलिस जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गौरतलब हैं की कुख्यात नक्सली महाराज प्रामाणिक प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) का ₹10 लाख का इनामी जोनल कमांडर था, जो मुख्य रूप से झारखंड के सरायकेला-खरसावां, खूंटी और कोल्हान क्षेत्रों में सक्रिय था। 2019 के कुकरू हाट हमले समेत कई हिंसात्मक घटनाओं में शामिल रहने के बाद, उसने जनवरी 2022 में संगठन के भीतर मतभेदों और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर रांची में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और मुख्यधारा में शामिल हो गया।