Jammu Kashmir Flood: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है। सबसे अधिक नुकसान राजौरी और पुंछ जिलों में हुआ है, जहां 21 लोगों की मौत दर्ज की गई है। कई इलाकों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
भूस्खलन से सड़कें बंद, नदियां उफान पर
तेज बारिश और पहाड़ों से लगातार गिर रहे मलबे के कारण प्रदेश के कई प्रमुख मार्ग बाधित हो गए। सैकड़ों गांव जिला मुख्यालयों से कट गए, जबकि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई अहम सड़कों पर यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन ने बंद पड़े अधिकांश रास्तों को बहाल कर दिया है, लेकिन कई मार्गों पर मरम्मत का काम अभी जारी है।
बाढ़ जैसे हालात के बीच तवी, चिनाब सहित कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया है। रियासी स्थित सलाल जलविद्युत परियोजना के सभी गेट खोलने पड़े। वहीं बडगाम में उफनते नाले ने एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बहा दिया और कई जिलों में जलभराव से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है|
बारिश के चलते तीनों प्रमुख धार्मिक यात्राएं ठप
खराब मौसम और लगातार भूस्खलन के खतरे को देखते हुए माता वैष्णो देवी, श्री अमरनाथ और शिवखोड़ी यात्राएं लगातार तीसरे दिन भी स्थगित रहीं। कटड़ा में हजारों श्रद्धालु यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम अनुकूल होने और मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्राएं दोबारा शुरू कराई जाएंगी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी हालात की जानकारी लेकर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और पुलिस की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं, जबकि लोगों से नदियों और नालों के पास न जाने तथा प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है।