Bokaro News: झारखंड में लगातार हो रही बारिश का असर अब तेनुघाट डैम पर भी साफ दिखाई देने लगा है. जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद बांध प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर डैम के तीन रेडियल गेट और एक अंडर स्लूइस गेट खोल दिए हैं. इन गेटों के जरिए करीब 9,970 क्यूसेक (282.32 घन मीटर प्रति सेकेंड) पानी दामोदर नदी में छोड़ा जा रहा है.
खतरे के निशान के करीब पहुंचा डैम
बांध प्रमंडल के मुताबिक, तेनुघाट डैम का जलस्तर बढ़कर 850.05 फीट तक पहुंच गया है. डैम की अधिकतम जलधारण क्षमता 852 फीट है, जिसे खतरे का स्तर माना जाता है. मौसम विभाग के बारिश के अनुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है.
जल भंडारण क्षमता का बड़ा हिस्सा भर चुका
अधिकारियों के अनुसार, डैम की जीवित जल संचयन क्षमता 42,013 हेक्टेयर मीटर है, जबकि वर्तमान में इसमें 25,807 हेक्टेयर मीटर पानी संग्रहित है. वहीं डैम की कुल जल भंडारण क्षमता 44,526 हेक्टेयर मीटर निर्धारित है.
दामोदर नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट
पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने दामोदर नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने, बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित रखने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
प्रशासन ने कहा है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जल निकासी की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है. ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोग लगातार प्रशासन की सूचनाओं पर नजर बनाए रखें.