Ambulance Issue Jharkhand: साहिबगंज जिले के पीराचक गांव में एक दुखद घटना घटी, जहां सड़क की कमी के कारण समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी और एक गर्भवती महिला की जान चली गई. यह घटना न केवल एक परिवार के लिए दर्दनाक है, बल्कि यह झारखंड की राजनीति में भी हलचल मचा गई है.
सोशल मीडिया पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण किसी की जान जाना सरकार की विफलता है. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि ग्रामीण झारखंड की बदहाल स्थिति को दर्शाती है.
“25 साल बाद भी कई गांव बुनियादी सुविधाओं से दूर”
बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि जब कई गांव सड़क से जुड़े नहीं हैं, तो विकास के बड़े दावे कैसे किए जा सकते हैं? उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 साल बाद भी साहिबगंज समेत कई इलाकों में लोग सड़क, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
उनका कहना है कि यदि किसी गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकती, तो यह केवल प्रशासनिक कमी नहीं, बल्कि व्यवस्था की असफलता है. उन्होंने सरकार से मांग की कि पीराचक गांव की घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. साथ ही, ऐसे सभी गांवों की पहचान कर उन्हें पक्की सड़क से जोड़ने की मांग की गई है, जहां सड़क की कमी के कारण लोगों की जान जोखिम में है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर तेजी से काम करने की जरूरत है. यह समय सरकार के लिए गंभीरता से काम करने और ग्रामीण झारखंड की बदहाल स्थिति में सुधार लाने का है.