Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल गोलचक्कर से गिद्दीबेड़ा तक जाने वाली लगभग छह किलोमीटर लंबी सड़क लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बन गई है. सड़क बनाने का काम शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि पुरानी समस्या दूर हो जाएगी. लेकिन अब चार महीने बीत गए हैं और हालात वैसे ही हैं. जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं, धूल उड़ रही है और काम अधूरा है. यह सब लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो रहा है.
मार्च तक काम पूरा होना था, अब भी अधूरा है
इस सड़क के राइडिंग सुधार कार्य का शिलान्यास पिछले साल 2 दिसंबर को क्षेत्रीय विधायक सविता महतो ने किया था. शुरू में इस परियोजना की लागत 8.5 करोड़ रुपये तय की गई थी, जिसे बाद में 11 करोड़ रुपये कर दिया गया. निर्माण एजेंसी को मार्च तक काम पूरा करना था, लेकिन अब भी काम अधूरा है. लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से काम बिल्कुल ठप है.
हजारों लोगों के लिए जीवन का मार्ग बनी हुई है यह सड़क
यह सड़क चांडिल, नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के हजारों लोगों के लिए जिला मुख्यालय और अस्पताल तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है. इसी रास्ते से बालिका आवासीय विद्यालय, प्रखंड कार्यालय, अग्निशमन केंद्र, नर्सिंग होम और स्टेडियम जैसे संस्थानों तक लोग पहुंचते हैं. हर दिन बड़ी संख्या में वाहन इसी सड़क से गुजरते हैं.
गहरे गड्ढे और धूल के कारण हादसे का खतरा बढ़ा है
इस सड़क पर कई जगह दो से ढाई फीट तक गहरे गड्ढे हैं. बारिश के बाद इनमें पानी भर जाता है, जिससे वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता. धूल भी बहुत बढ़ गई है. वाहन गुजरते ही धूल उठती है, जिससे दोपहिया चालक, पैदल लोग और सड़क के किनारे रहने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं. घरों और दुकानों में भी धूल भर रही है. लोग मास्क या रूमाल बांधकर सफर करने को मजबूर हैं.
नहर के किनारे टूटी बैरिकेडिंग भी खतरा बन गई है
नहर के किनारे लगी सुरक्षा बैरिकेडिंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है. हाल ही में एक वाहन नहर में जा गिरा. खुदाई के बाद वाहन बरामद कर लिया गया, लेकिन किसी की जान नहीं गई. लेकिन लोग डरे हुए हैं कि अगर जल्द सड़क ठीक नहीं किया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है
लोग कह रहे हैं- कब मिलेगी राहत?
लोग कहना हैं कि वह वर्षों से खराब सड़क की परेशानी झेल रहे हैं. मरीज, छात्र, कर्मचारी और मजदूर रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं. कई बाइक सवार गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं के शिकार हो चुके हैं. लोग अब प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, सड़क निर्माण पूरी की जाए और धूल और हादसों से राहत दिलाई जाए.