Jharkhand Assembly Committee: झारखंड विधानसभा की प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति ने धनबाद में रैयती जमीन, मुआवजा और अवैध ओवरबर्डन डंपिंग से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान जिला प्रशासन और बीसीसीएल की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है. समिति का कहना है कि महीनों पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई संतोषजनक प्रगति नहीं दिखी, जबकि प्रभावित लोग अब भी अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार कर रहे हैं.
पुराने निर्देशों की अनदेखी पर समिति नाराज है. बैठक के दौरान समिति ने बताया कि 20 सितंबर 2025 को संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि रैयती जमीन, विस्थापन, मुआवजा और अवैध ओवरबर्डन डंपिंग जैसे मामलों का समयबद्ध समाधान किया जाए. इसके बावजूद अधिकांश मामलों में कार्रवाई अधूरी रही, जिस पर सदस्यों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की.
समिति ने समीक्षा बैठक में धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन की लगातार अनुपस्थिति और निर्देशों के पालन में लापरवाही को गंभीर माना. इसके बाद उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की अनुशंसा करने का निर्णय लिया गया. समिति ने पूरे मामले को आगे की कार्रवाई के लिए झारखंड विधानसभा अध्यक्ष को भेजने का भी फैसला किया है.
समिति ने सभी संबंधित विभागों और कंपनियों को 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. साथ ही स्पष्ट किया गया कि 4 अगस्त को होने वाली अगली समीक्षा बैठक में हर बिंदु पर प्रगति की जांच की जाएगी. जिन मामलों में लापरवाही मिलेगी, वहां जवाबदेही तय की जाएगी.
बीसीसीएल, ईसीएल, डीवीसी, एमपीएल, टाटा स्टील, जिला प्रशासन, डीजीएमएस, जिला खनन विभाग और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के अधिकारियों से विभिन्न परियोजनाओं और लंबित मामलों पर जवाब तलब किया गया. समिति ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर प्रभावित लोगों के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी.
बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति मथुरा महतो ने की. इस दौरान समिति के सदस्य विधायक और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.