Current News : संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस मामले पर केंद्र सरकार को घेरते हुए चर्चा और जवाब की मांग की। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही तीन मिनट भी नहीं चल सकी और दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस भी हुई।
खड़गे ने जांच एजेंसियों पर उठाए सवाल, रिजिजू बोले:- राम मंदिर का विरोध करने वाले अब बहा रहे घड़ियाली आंसू
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और 70 एकड़ से अधिक जमीन ट्रस्ट को सौंपी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर से जुड़े हर प्रमुख आयोजन में शामिल रहे हैं, इसलिए सरकार को इस मामले पर सदन में जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ईडी, सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियां इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही हैं।
इस पर पलटवार करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी वर्षों तक भगवान राम और राम मंदिर का विरोध करती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले अब "घड़ियाली आंसू" बहाकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि सरकार से जवाब मांगने से पहले विपक्ष को भगवान राम का अपमान करने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष केवल चर्चा चाहता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को दोनों सदनों में इस विषय पर बहस की अनुमति देनी चाहिए, ताकि सभी तथ्य सामने आ सकें। खड़गे ने कहा कि विपक्ष राम जन्मभूमि ट्रस्ट और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष भी सुनना चाहता है और अपना पक्ष भी रखना चाहता है।