Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-08-06

Jharkhand Liquor Scam: शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद ACB दफ्तर पहुंचे नक्सजेन CEO अरुण कुमार सिंह; बयान दर्ज

Jharkhand Liquor Scam: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मामले की जांच और तेज कर दी है. इसी कड़ी में नक्सजेन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरुण कुमार सिंह गुरुवार को एसीबी मुख्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी. जांच टीम उनका बयान भी दर्ज कर रही है.

अरुण कुमार सिंह ने एसीबी के समन को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. हालांकि सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उन्हें कोई राहत देने से इनकार कर दिया. अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वे गुरुवार दोपहर तीन बजे तक एसीबी के समक्ष उपस्थित हों. कोर्ट के आदेश के बाद अरुण सिंह तय समय पर एसीबी कार्यालय पहुंचे और जांच में शामिल हुए.

तीन प्रमुख लोगों को आमने-सामने बैठाकर होगी पूछताछ
शराब घोटाले की परतें खोलने के लिए एसीबी ने इस मामले से जुड़े तीन अहम लोगों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी की है. इनमें छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड के पूर्व प्रबंध निदेशक और वहां के आबकारी विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी, नक्सजेन कंपनी के CEO अरुण कुमार सिंह और शराब कारोबार से जुड़े व्यवसायी श्यामजी शरण शामिल हैं.

दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान
एसीबी जांच के दौरान अब तक जुटाए गए गवाहों के बयान, वित्तीय दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का आपस में मिलान कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में है कि कथित वित्तीय अनियमितताओं और पूरे नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका रही. जांच का फोकस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर कथित साजिश की तस्वीर स्पष्ट करने पर है.

अरुणपति त्रिपाठी की भूमिका पर विशेष नजर
एसीबी का मानना है कि जांच के मौजूदा चरण में अरुणपति त्रिपाठी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में उनकी पूर्व जिम्मेदारियों और झारखंड में शराब कारोबार से जुड़े सलाहकार के रूप में उनकी भूमिका को देखते हुए उनके बयान कई अहम तथ्यों से पर्दा उठा सकते हैं. जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि नीति निर्माण, टेंडर प्रक्रिया और उसके क्रियान्वयन के दौरान कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ.



फिलहाल एसीबी के वरिष्ठ अधिकारी अरुण कुमार सिंह से पूछताछ कर उनका आधिकारिक बयान दर्ज कर रहे हैं. जांच एजेंसी का मानना है कि इस बयान के आधार पर आगे अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराकर पूछताछ की जा सकती है और जांच को आगे बढ़ाया जाएगा.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !