Jamshedpur: जमशेदपुर के बिरसानगर जोन नंबर-1 बी निवासी नूपुर भंडारी को 3 अगस्त को प्रसव के लिए मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, उनकी डिलीवरी की तारीख अगले दिन निर्धारित थी, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती रखा गया। इसके बाद नवजात को इलाज के लिए टीएमएच रेफर किया गया।
नूपुर की परिजन पूजा सैंडिल ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज और रेफरल व्यवस्था में कथित लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल की व्यवस्था में कमी के कारण नूपुर और उनके बच्चे को टीएमएच रेफर करना पड़ा।
नर्सरी बंद होने की बात को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल
पूजा सैंडिल के अनुसार, अस्पताल की ओर से बताया गया कि महीने में एक दिन नर्सरी बंद रहती है। परिजनों का आरोप है कि नर्सरी की उपलब्धता नहीं होने के कारण बच्चे को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात सामने आई।
समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई। काफी देर बाद एंबुलेंस मिली, लेकिन उसमें बच्चे के साथ कोई डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं था। बच्चे को उसकी मौसी अपने साथ लेकर टीएमएच के लिए रवाना हुई।
एंबुलेंस में ईंधन नहीं होने का भी आरोप
परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस उपलब्ध होने के बाद भी उसमें पर्याप्त ईंधन नहीं था। इसके कारण नवजात को लेकर एंबुलेंस करीब दो घंटे तक अस्पताल के लिए रवाना नहीं हो सकी। इस दौरान बच्चा एंबुलेंस में ही रहा। काफी देर बाद एंबुलेंस से उसे टीएमएच ले जाया गया। परिजनों के अनुसार, रेफरल में हुई इस देरी के कारण नवजात की हालत और गंभीर हो गई है।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष अब तक सामने नहीं आया
मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उनका कहना है कि अब तक प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। परिवार पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन से जवाब की मांग कर रहा है। फिलहाल इस मामले में मर्सी अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। अस्पताल की प्रतिक्रिया मिलने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।