Jharkhand: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची के कांके अंचल की कथित आदिवासी जमीन के हस्तांतरण को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने इस मामले में आईजी पंकज कंबोज की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच कराने और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की है.
शिकायत और जमीन के दस्तावेज का हवाला
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि उन्हें अनुराग उरांव की ओर से मामले से संबंधित शिकायत मिली है. शिकायत के साथ जमीन के नामांतरण से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं. शिकायत के मुताबिक, कांके अंचल के चामा मौजा में खाता संख्या 120, भाग-2 और प्लॉट संख्या 1054 की जमीन खतियानी आदिवासी भूमि के तौर पर दर्ज है. रिकॉर्ड में यह जमीन खेदुवा उरांव के नाम बताई गई है. आरोप है कि उक्त जमीन की खरीद पंकज कंबोज ने अपने पिता प्रेम कुमार कंबोज के नाम पर की और बाद में उसका म्यूटेशन भी करा लिया गया.
CNT Act के उल्लंघन का लगाया आरोप
बाबूलाल मरांडी ने जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसमें छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम यानी CNT Act के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है. उन्होंने जमीन के लेनदेन में कथित तौर पर काले धन के इस्तेमाल की भी जांच कराने की मांग की है.
भू-माफिया कमलेश कुमार से संबंध का भी दावा
पत्र में गिरफ्तार भू-माफिया कमलेश कुमार का मामला भी उठाया गया है. बाबूलाल मरांडी ने दावा किया है कि कमलेश कुमार को पंकज कंबोज का संरक्षण हासिल था. हालांकि, पंकज कंबोज पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
CBI या ACB जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है. उन्होंने पंकज कंबोज पर पद का कथित दुरुपयोग कर संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच सीबीआई या एसीबी से कराने की मांग रखी है. मरांडी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ कथित रूप से प्रभावित आदिवासी परिवार को न्याय दिलाने की भी मांग की है.