Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो में बन रहे फ्लाईओवर पर देर रात काम के दौरान एक बुजुर्ग मजदूर के साथ दर्दनाक हादसा हो गया. ऊंचाई से नीचे गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल मजदूर को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के डालकोला निवासी रमेश महतो (71) के रूप में हुई है.
घटना मानगो थाना क्षेत्र में पायल सिनेमा और वन विभाग के आसपास निर्माणाधीन फ्लाईओवर के हिस्से में हुई. बताया जा रहा है कि रमेश महतो वहां निर्माण कार्य से जुड़े काम में लगे थे. इसी दौरान वह सिर पर टिन शेड लेकर फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से तक गए थे. काम के बाद वापस आने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जा गिरे.
घटना के बाद मौके पर मौजूद दूसरे मजदूरों ने तुरंत उन्हें संभाला और इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
इस घटना ने फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. साथी मजदूरों का कहना है कि कंपनी की तरफ से सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं. हालांकि, कई बार मजदूर खुद इन उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करते.
इसके बावजूद यह सवाल अहम है कि ऊंचाई पर काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन कराया जा रहा था या नहीं. खासकर यह देखना जरूरी होगा कि जिस समय रमेश महतो फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से में काम कर रहे थे, उस वक्त उनकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे.
ऊंचाई वाले निर्माण कार्य में गिरने से बचाव के लिए सेफ्टी बेल्ट और फॉल प्रोटेक्शन जैसे सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में हादसे की जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि रमेश महतो ने घटना के वक्त कौन-कौन से सुरक्षा उपकरण इस्तेमाल किए थे.
निर्माण स्थल पर तैनात सेफ्टी ऑफिसर और सुपरवाइजरी स्टाफ की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है. यह पता लगाना जरूरी होगा कि मजदूरों को ऊंचाई पर काम कराने से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं.
पहले के हादसों ने भी बढ़ाई चिंता
मानगो फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के दौरान पहले भी हादसे होने की बात सामने आती रही है. ताजा घटना के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है.
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रमेश महतो के गिरने की वजह केवल पैर फिसलना था या सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी भी रही. हादसे की वास्तविक वजह और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.