Jamshedpur News : लगातार हो रहे सड़क हादसों और मौतों को लेकर जिला परिषद सदस्य परितोष ने जिला प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस हाईवे पर लगातार हादसे हो रहे हैं, वहां अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद नो एंट्री खोलने को लेकर कंपनियों की ओर से प्रशासन पर दबाव बनाया जा रहा है।
परितोष ने कहा कि हाल ही में इसी हाईवे पर हुए सड़क हादसे में एक बच्ची की मौत हुई थी और कल फिर एक हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में चार लोगों की मौत हो चुकी है और सड़क बनने के बाद अब तक कुल नौ लोगों की जान जा चुकी है।
कंपनी का काम भी चले, लेकिन लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि
जिला परिषद सदस्य ने कहा कि वे कंपनियों के संचालन के खिलाफ नहीं हैं। कंपनी का काम भी चलना चाहिए, लेकिन लोगों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से नो एंट्री का समय ऐसा निर्धारित करने की मांग की, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों और कर्मचारियों के आने-जाने के समय भारी वाहनों का दबाव कम रहे।
उन्होंने कहा कि नो एंट्री को लेकर सामूहिक निर्णय लिया जाना चाहिए। इसमें राजनीतिक दलों, पंचायत प्रतिनिधियों और समाजसेवियों को शामिल किया जाए और सभी की सहमति से तय व्यवस्था को प्रशासन लागू करे।
हादसे वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग और कैमरे लगाने की मांग
परितोष ने सड़क पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि रामपुर क्षेत्र में सड़क की लाइट व्यवस्था की जिम्मेदारी बिजली कंपनी के प्रबंधन को लेनी चाहिए। सड़क पर जहां लाइट की जरूरत है, वहां तत्काल व्यवस्था की जानी चाहिए।
उन्होंने हादसे वाले संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाने और सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की। उनका कहना है कि जहां चार मौतें हो चुकी हैं, वहां विशेष रूप से सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि वाहनों की रफ्तार और गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग
जिला परिषद सदस्य ने टाटा मोटर्स गेट से लेकर कमिंस गेट, लंबात, टाटा मोटर्स और स्टील मिल क्षेत्र तक सड़क किनारे खड़े रहने वाले बड़े वाहनों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों के खिलाफ समय-समय पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए, ताकि सड़क पर यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और हादसों की आशंका कम की जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को केवल नो एंट्री खोलने पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी ठोस कदम उठाने चाहिए।
“कितनी मौतों के बाद प्रशासन जागेगा?”
परितोष ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले आंदोलन के बाद नो एंट्री लागू की गई थी और बैठक कर आगे की व्यवस्था तय करने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद एक और हादसा हो गया और एक व्यक्ति की मौत हो गई।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर कितनी मौतों के बाद प्रशासन जागेगा और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता से काम करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो राजनीतिक दलों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
परितोष ने कहा कि अगर सामूहिक निर्णय का सम्मान नहीं किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए लोग बाध्य होंगे।