Ranchi News : जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों का आंदोलन 20वें दिन भी जारी है। आंदोलन स्थल पर भूख हडताल पर बैठे अभ्यर्थियों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्टेडियम के बाहर एक एंबुलेंस उपलब्ध कराई है। इसमें दो नर्सों की भी तैनाती की गई है। अभ्यर्थियों के अनुसार, लगातार ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच की जा रही है, लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर एंबुलेंस में पर्याप्त इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है।
बीमार अभ्यर्थियों ने इलाज की व्यवस्था पर उठाए सवाल
अभ्यर्थियों का कहना है कि हल्की तबीयत खराब होने या सिर दर्द जैसी समस्या होने पर भी एंबुलेंस में सिर्फ पैरासिटामोल और ORS दिया जा रहा है। पिछले दो दिनों से चंदन कुमार और कमलेश कुमार की तबीयत खराब होने के बावजूद दोनों धरना स्थल पर आंदोलन में बने हुए हैं।
अभ्यर्थी चंदन कुमार ने बताया कि तबीयत बिगडने के बाद उन्होंने डॉक्टर से जांच कराई थी। उनके अनुसार, जांच में टाइफाइड जैसी बीमारी की आशंका बताई गई। इसके बाद जब वह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के बाहर मौजूद मोबाइल एंबुलेंस में पहुंचे तो उन्हें पैरासिटामोल और ORS देकर वापस भेज दिया गया।
सदर अस्पताल जाने से भी अभ्यर्थी कर रहे परहेज
बीमार अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकारी एंबुलेंस में बीमारी के अनुसार इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि अस्पताल में जांच कराने पर अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी मिली, लेकिन आंदोलन स्थल पर उपलब्ध एंबुलेंस में उन्हें सिर्फ सामान्य दवाएं दी जा रही हैं।
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे सदर अस्पताल जाकर इलाज नहीं कराना चाहते। उनका आरोप है कि सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। साथ ही उन्हें आशंका है कि अस्पताल जाने के बाद किसी बीमारी का हवाला देकर उन्हें आंदोलन स्थल पर वापस आने से रोका जा सकता है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सरकारी नौकरी और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों को लेकर परेशान हैं। उनका आंदोलन JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और अन्य मांगों को लेकर जारी है। गौरतलब है कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान कई अभ्यर्थियों के घायल होने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद आंदोलन स्थल पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है।