Giridih News: झारखंड के गिरिडीह जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. पचम्बा उप नगर थाना क्षेत्र के रानीखावा गांव में शुक्रवार की सुबह दो बच्चों की तालाब में डूबने से जान चली गई. दोनों बच्चे सुबह-सुबह तालाब में खिले कमल के फूल तोड़ने गए थे, तभी अचानक गहरे पानी में चले जाने से यह हादसा हो गया. घटना के बाद से ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है.
फूल तोड़ने के दौरान गहरे पानी में डूबने से दोनों बच्चों की हुई मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रानीखावा निवासी शंकर रजक का 13 साल का बेटा हार्दिक रजक और विष्णु रजक का 13 साल का बेटा प्रेम रजक सुबह करीब सात बजे घर के पास सड़क किनारे बने तालाब की ओर गए थे. वे दोनों तालाब में खिले कमल के फूल निकालना चाहते थे. लेकिन तालाब के एक हिस्से में पानी काफी गहरा था. फूल तोड़ते समय दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में समा गए.
तीसरे साथी ने गांव वालों को इस दुर्घटना की सूचना दी, तकरीबन आधे घंटे तक चला रेस्क्यू
दोनों को डूबता देख उनके साथ गए एक छोटे बच्चे ने तुरंत दौड़कर गांव के लोगों को इसकी जानकारी दी. खबर मिलते ही ग्रामीण बिना कोई वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे और तालाब में उतरकर बच्चों की खोजबीन शुरू कर दी. करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों मासूमों को पानी से बाहर निकाला.
अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों मासूमों को मृत घोषित कर दिया
घटना की सूचना मिलते ही पचम्बा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची. पुलिस और परिजनों की मदद से दोनों बच्चों को तुरंत इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया. मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है.
असुरक्षित तालाबों पर होने वाले घटनाओं पर ग्रामीणों ने जताई चिंता
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके के गहरे जलस्रोतों और तालाबों के पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम न होने पर गहरी चिंता जताई है. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे खतरनाक और गहरे तालाबों के आसपास घेराबंदी होनी चाहिए. इसके साथ ही पुलिस-प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे बच्चों को अकेले गहरे पानी या तालाबों के पास न जाने दें.