Jharkhand High Court: कोरोना महामारी के समय लगे लॉकडाउन के दौरान पलामू समेत झारखंड के कई इलाकों में पेड़ों की कथित अवैध कटाई के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है. अदालत ने जांच की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाते हुए CID को दोबारा अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
जांच में देरी पर कोर्ट नाराज
मामले की सुनवाई जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ में हुई. सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि मामले की जांच CID कर रही है, लेकिन अब तक जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है. अदालत ने कहा कि सितंबर 2023 में दिए गए आदेश के बावजूद जांच में ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है. इस पर कोर्ट ने CID से दोबारा जवाब मांगा है.
2022 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला पलामू के पांकी थाना में वर्ष 2022 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में कांड संख्या 07/2022 दर्ज की गई थी. आरोप है कि लॉकडाउन के दौरान वन विभाग की कथित मिलीभगत से बड़े स्तर पर पेड़ों की अवैध कटाई की गई थी.
सामाजिक कार्यकर्ता ने दाखिल की याचिका
मामले में पलामू निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश कुमार सिंह ने अवमानना याचिका दायर की है. उनकी ओर से अधिवक्ता अभय मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा. अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CID को मामले की जांच से जुड़ी जानकारी दोबारा अदालत के सामने रखनी होगी. इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी.