Ranchi Speed Limit Violation: झारखंड की राजधानी रांची की प्रमुख सड़कों पर अब ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहन चालकों की खैर नहीं. शहर के ट्रैफिक विभाग ने रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए स्पीड वायलेशन डिटेक्टर कैमरे पूरी तरह सक्रिय कर दिए हैं. यह ऑटोमैटिक सिस्टम तय गति सीमा से तेज भागते वाहनों को खुद-ब-खुद ट्रैक कर उनका ई-चालान जारी कर देता है.
पहली बार नियम तोड़ने पर 1000 रुपये का जुर्माना
नई डिजिटल निगरानी प्रणाली के तहत, तय गति सीमा पार करते ही कैमरे वाहन की रफ्तार दर्ज करते हुए उसकी नंबर प्लेट की फोटो खींच लेते हैं. इसके तुरंत बाद वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ई-चालान का मैसेज भेज दिया जाता है. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब सड़कों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी की भौतिक मौजूदगी न होने पर भी चालान की प्रक्रिया अपने आप पूरी हो जाएगी. पहली बार ओवरस्पीडिंग पकड़े जाने पर 1000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है.
मुख्य हाईवे और रिंग रोड पर 40 से 60 km/h की स्पीड लिमिट
शहर को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों और आउटर रिंग रोड पर कैमरों की विशेष तैनाती की गई है. खरसीदाग-रांची-टाटा मार्ग, रामपुर रिंग रोड से सिटी रोड और तिलता रिंग रोड से सिटी रोड पर यह निगरानी तंत्र पूरी तरह एक्टिव है. इन प्रमुख मार्गों पर गाड़ियों के लिए 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा निर्धारित की गई है, जिसका पालन करना सभी चालकों के लिए अनिवार्य है.
शहर के अंदरूनी इलाकों और इन प्रमुख मार्गों पर कड़ी नजर
घनी आबादी वाले और व्यस्त क्षेत्रों में भी इस डिजिटल चेकिंग का दायरा बढ़ा दिया गया है. पिस्का मोड़ से रवि स्टील चौक, पंडरा मार्ग और हिनू एयरपोर्ट रोड पर नियमित स्पीड मॉनिटरिंग की जा रही है. इसके अलावा धुर्वा शहीद मैदान, सैटेलाइट कॉलोनी से डिबडीह ब्रिज, रांची कॉलेज प्ले ग्राउंड से स्टेट गेस्ट हाउस और मेसरा रेलवे ओवरब्रिज से डीपीएस ग्रेटर रांची तक के रूट्स को भी कैमरों की निगरानी में शामिल कर लिया गया है.
तीन से ज्यादा चालान बकाया होने पर गाड़ी होगी जब्त
यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों पर पुलिस अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है. ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, यदि किसी वाहन का तीन बार से अधिक चालान कट चुका है और उसका भुगतान समय पर नहीं किया गया है, तो उस वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी.
हादसों में कमी और सुरक्षित सफर ही प्राथमिक उद्देश्य
यातायात पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस पूरी नियम का मकसद महज पेनल्टी वसूलना नहीं है. शहर में तेज रफ्तार के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और आम नागरिकों की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित करना ही इस पहल की मुख्य प्राथमिकता है.