Chatra News: चतरा मंडल कारा में बंद टीएसपीसी उग्रवादी मंटू गंझू उर्फ दिलेश की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मौत से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पोस्ट ऑफिस चौक के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
जाम में आर्मी के करीब 40 वाहन भी घंटों फंसे रहे। स्थिति को देखते हुए प्रभारी बीडीओ मनोज गोप, सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव और हंटरगंज इंस्पेक्टर विपिन कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और जाम हटाने की कोशिश शुरू की।
पुलिस और परिजनों के बीच हुई धक्का-मुक्की
प्रदर्शन के दौरान मृतक के परिजनों और पुलिस के बीच बहस हो गई। मामला बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस करीब 15 लोगों को पकड़कर थाना ले गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सड़क से जाम हटाया जा सका और यातायात सामान्य हुआ।
50 लाख मुआवजा और पत्नी को नौकरी की मांग
मंटू गंझू के परिजनों और समर्थकों ने उसकी मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने काराधीक्षक, कक्षपाल समेत अन्य जेलकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें तत्काल बर्खास्त करने की मांग उठाई।
इसके अलावा परिजनों ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने और उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
करीब दो साल से जेल में बंद था मंटू
बताया जाता है कि मंटू गंझू उर्फ दिलेश पर सरकारी योजनाओं में कथित तौर पर लेवी और रंगदारी मांगने का आरोप था। इसी दौरान ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया था और हथियार के साथ पुलिस के हवाले कर दिया था। इसके बाद से वह करीब दो वर्षों से चतरा मंडल कारा में बंद था। फिलहाल उसकी मौत को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। मामले में प्रशासन की ओर से जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर लोगों की नजर बनी हुई है।