Hazaribagh: हजारीबाग के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े भवन बनाने वाले लोगों के लिए जिला परिषद ने जरूरी सूचना जारी की है. अब 5000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल में भवन निर्माण करने से पहले नक्शे की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा. यह नियम पंचायत क्षेत्र में बनने वाले बड़े भवनों पर लागू होगा. इसमें मकान, दुकान, अस्पताल, बैंक, मार्केट और स्कूल जैसे भवन शामिल हैं.
5000 वर्गफीट से ज्यादा निर्माण पर अनुमति जरूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में 5000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में भवन बनाने के लिए पहले नक्शा स्वीकृत कराना होगा. नक्शा पास करने की जिम्मेदारी जिला परिषद को दी गई है. जिला परिषद के अनुसार, यह व्यवस्था झारखंड बिल्डिंग बायलॉज 2016 में किए गए संशोधन के तहत लागू की गई है. इसके लिए झारखंड पंचायत भूमि विकास (नक्शा एवं भवन निर्माण) नियमावली, 2017 के प्रावधान प्रभावी हैं.
ऑनलाइन जमा करना होगा आवेदन
भवन का नक्शा स्वीकृत कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है. इसके लिए भवन मालिक को निबंधित वास्तुविद यानी Architect के माध्यम से आवेदन करना होगा. आवेदन झारखंड भवन योजना अनुमोदन एवं निगरानी प्रणाली की वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जा सकता है. नक्शा स्वीकृति के लिए संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति होगी.
2017 के बाद बिना नक्शे का निर्माण अवैध
जिला परिषद ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2017 के बाद बिना स्वीकृत नक्शे के 5000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्र में भवन निर्माण किया गया है, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. ऐसे मामलों में संबंधित भवन मालिक या निर्माणकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. हजारीबाग शहर से सटे कई ग्रामीण इलाके तेजी से शहरी क्षेत्र का रूप ले रहे हैं. इन क्षेत्रों में बड़े भवनों का निर्माण भी बढ़ रहा है. जिला प्रशासन और जिला परिषद ऐसे निर्माणों पर नजर रख रहे हैं.
भवन मालिकों से नियम मानने की अपील
जिला परिषद ने आम लोगों और निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि बड़े भवन का निर्माण शुरू करने से पहले नक्शे की मंजूरी जरूर लें. नियमों के मुताबिक आवेदन देने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत नक्शा स्वीकृत होने का इंतजार करना होगा. इसके बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाए. प्रशासन ने साफ किया है कि स्वीकृत नक्शे के बिना निर्माण करने पर झारखंड बिल्डिंग बायलॉज 2016 के तहत कार्रवाई की जाएगी.