Jamshedpur News: जमशेदपुर के कदमा में एक पारिवारिक विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. अमेरिका के ह्युस्टन से भारत आए आनंद प्रसाद अपने साढ़े तीन साल के बेटे विष्णु प्रसाद को लेकर जमशेदपुर पहुंचे, जिसके बाद गाजियाबाद और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई शुरू हो गई.
दादा-दादी से मिलाने के लिए जमशेदपुर लाए बेटा
जानकारी के मुताबिक, आनंद प्रसाद अपनी पत्नी और बेटे के साथ ह्युस्टन से भारत आए थे. दिल्ली पहुंचने के बाद पूरा परिवार गाजियाबाद स्थित ससुराल गया. आनंद ने पत्नी से कदमा स्थित पैतृक घर में शांति पूजा कराने और बेटे विष्णु को दादा-दादी से मिलाने की इच्छा जताई. बताया जा रहा है कि पत्नी की सहमति नहीं मिलने पर उन्होंने इस बात पर कोई दबाव नहीं बनाया.
11 अगस्त को बेटे के साथ पहुंचे जमशेदपुर
सूत्रों के अनुसार, घूमने के दौरान मौका मिलने पर आनंद प्रसाद बेटे को लेकर गाजियाबाद से जमशेदपुर के लिए रवाना हो गए. 11 अगस्त को पिता और बेटा जमशेदपुर पहुंच गए. बताया जा रहा है कि इससे पहले आनंद ने इंडिया पोस्ट के जरिए गाजियाबाद पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर बेटे को दादा-दादी से मिलाने के लिए जमशेदपुर लाने की जानकारी भी दी थी.
मां ने दर्ज कराई लापता होने की शिकायत
इधर, बच्चे की मां ने गाजियाबाद पुलिस में बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद गाजियाबाद पुलिस जमशेदपुर पहुंची. फोन लोकेशन के आधार पर पुलिस ने साकची के एक होटल से पिता और बेटे का पता लगाया. इसके बाद पूरा मामला कदमा थाना पुलिस के पास पहुंच गया.
विजया हेरिटेज में दिनभर चला पुलिस का पहरा
मंगलवार को कदमा स्थित विजया हेरिटेज अपार्टमेंट में दिनभर पुलिस की मौजूदगी बनी रही. पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई. जब पुलिस आनंद प्रसाद के फ्लैट पहुंची तो काफी देर तक दरवाजे पर लगातार दस्तक देती रही. देर शाम तक पुलिस टीम वहीं डटी रही.
पासपोर्ट सीज करने की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने आनंद प्रसाद का पासपोर्ट भी सीज कर लिया है. हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. फिलहाल बच्चे के पिता और मां दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं.
बच्चे की कस्टडी को लेकर कोर्ट तक
पहुंचा मामला
आनंद प्रसाद और उनकी पत्नी के बीच
पारिवारिक विवाद लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है. इसी विवाद के बीच बच्चे
की अभिरक्षा को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं. मामला अब न्यायालय तक पहुंच चुका
है. मंगलवार की कार्रवाई के दौरान आनंद प्रसाद की अधिवक्ता ने भी इसी बात का हवाला
देते हुए पुलिस से बच्चे को ले जाने की कार्रवाई रोकने की मांग की.
फिलहाल मामले में बच्चे की मां और
पिता के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं. पुलिस और दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक
तौर पर पूरी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बच्चे की अभिरक्षा
को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी.