Patna: बिहार में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र आंदोलन के दौरान सीवान में एके-47 से हुई फायरिंग के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राजधानी पटना की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकाला गया यह लोकभवन मार्च गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से शुरू होकर बेली रोड की ओर बढ़ा। हाथों में तिरंगा झंडा और मांगों के पोस्टर लिए हजारों कार्यकर्ताओं का हुजूम सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ा।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े कार्यकर्ता
मार्च को रोकने के लिए पटना पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जेपी गोलंबर से लेकर डाकबंगला चौराहा और आयकर गोलंबर तक भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग की गई थी। हालांकि, उग्र राजद कार्यकर्ताओं और स्वयं तेजस्वी यादव ने डाकबंगला चौराहे पर लगाई गई पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और बेली रोड की ओर बढ़ गए। स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आयकर गोलंबर के पास वाटर कैनन का प्रयोग किया।
तेजस्वी यादव समेत तीन दर्जन नेता डिटेन
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और राजद नेताओं के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई। कई कार्यकर्ता विरोध स्वरूप सड़क पर ही लेट गए। हंगामे और उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोपहर करीब 2:10 बजे तेजस्वी यादव, सांसद संजय यादव और विधायक भाई वीरेंद्र समेत तीन दर्जन से अधिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को डिटेन किया। सभी हिरासत में लिए गए नेताओं को सचिवालय थाना ले जाया गया, जहां कानूनी प्रक्रियाओं के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
सत्ता पक्ष ने बताया राजनीतिक वजूद बचाने की नौटंकी
मार्च के दौरान तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है और सीवान में निर्दोष छात्रों पर गोली चलाने वाले अफसरों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मार्च पर पलटवार किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जदयू प्रवक्ताओं ने इसे तेजस्वी यादव का "राजनीतिक करियर बचाओ मार्च" करार दिया और आरोप लगाया कि राजद केवल युवाओं के कंधों का इस्तेमाल अपनी सियासी जमीन बचाने के लिए कर रही है।
राजधानी में चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था
राजद के इस विशाल प्रदर्शन और पुलिस द्वारा किए गए डायवर्जन के कारण पटना शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। जंक्शन से डाकबंगला चौराहा, आयकर गोलंबर, बुद्धमार्ग और नेहरू पथ पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन पर लगी पाबंदियों के कारण आम यात्रियों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भीषण ट्रैफिक जाम और परेशानियों का सामना करना पड़ा।