Jharkhand Recruitment Controversy: JSSC-CGL फर्जीवाड़ा मामले में CID ने अभय तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को रिमांड पर लिया है. जांच एजेंसी अब तीनों से अलग-अलग अवधि में पूछताछ करेगी. CID की टीम अभय तिवारी से लगातार 5 दिन पूछताछ करेगी. वहीं, सुषमा कुमारी और अक्षय तिवारी को 2-2 दिन के लिए रिमांड पर लिया गया है. जांच एजेंसी तीनों से फर्जीवाड़े से जुड़े तथ्यों, उनकी भूमिका और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर जानकारी जुटाएगी.
कब हुई थी गिरफ्तारियां
अभय तिवारी को 22 जुलाई को गोड्डा से गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद 18 अगस्त को CID ने उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी को गिरफ्तार किया. तीनों की गिरफ्तारी 14वीं JPSC परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में हुई है.
TDPL में मार्केटिंग मैनेजर था अभय
अभय तिवारी गोड्डा जिले के खाद्य आपूर्ति विभाग में पदस्थापित था. इसके साथ ही वह परीक्षा संचालन करने वाली TDPL एजेंसी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर भी काम कर चुका था. जांच के अनुसार, TDPL में रहते हुए अभय ने JPSC की परीक्षा चार बार पास की थी.
14वीं JPSC मामले में करीब दो दर्जन गिरफ्तार
14वीं JPSC फर्जीवाड़ा मामले की जांच में अब तक करीब दो दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते का नाम भी शामिल है. अब CID की पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित कड़ियों की जांच की जाएगी.