Jharkhand Migrant Worker: सोशल मीडिया पर सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने झारखंड सरकार का ध्यान खींचा है. एक मामला गिरिडीह के उस मजदूर का है, जो पिछले करीब चार महीने से दुबई में फंसा बताया जा रहा है. दूसरा मामला देवघर के 13 साल के किशोर की मौत से जुड़ा है. दोनों मामलों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता से लिया है. उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
चार महीने पहले दुबई गया था रामेश्वर
गिरिडीह के बगोदर थाना क्षेत्र के अटका गांव के रहने वाले रामेश्वर दास 6 मई को दुबई गए थे. परिजनों के मुताबिक, वह एक ठेकेदार के जरिए टूरिस्ट वीजा पर काम की तलाश में दुबई पहुंचे थे. शुरुआत में परिवार से उनकी बातचीत होती रही. बाद में धीरे-धीरे संपर्क कम हो गया.
परिजनों का कहना है कि पिछले पांच दिनों से रामेश्वर का मोबाइल बंद है. इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई. परिवार ने सरकार से रामेश्वर को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई है. मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रवासी सेल झारखंड को टैग किया. उन्होंने पूरे मामले को देखने और जरूरी मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
देवघर में 13 साल के किशोर की मौत का मामला भी उठाया
दूसरा मामला देवघर का है. यहां 13 साल के एक किशोर की मौत के मामले में परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक की बहन सुरवि केशरी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि किशोर की पीट-पीटकर हत्या की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने छोड़ दिया है. परिवार को अब तक न्याय नहीं मिलने का भी दावा किया गया है. सुरवि केशरी ने इलाके में नशे के कारोबार का आरोप भी लगाया है. उनका कहना है कि इस मामले में पुलिस की ओर से पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है.
CM ने पुलिस और प्रशासन से मांगी रिपोर्ट
मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद उन्होंने देवघर पुलिस और झारखंड पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए. देवघर के उपायुक्त को भी मामले की जांच करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. साथ ही जांच की रिपोर्ट भी देने को कहा गया है. अब दोनों मामलों में प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी. रामेश्वर दास की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार क्या कदम उठाती है और देवघर किशोर की मौत के मामले में जांच में क्या सामने आता है, यह आगे स्पष्ट होगा.