Hazaribagh: हजारीबाग के पदमा ओपी क्षेत्र से चोरी हुआ हाइवा आखिरकार पुलिस के हाथ लग गया. हजारीबाग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन को बिहार के गया जिले से बरामद किया. मामले में पुलिस ने रंजित कुमार उर्फ रामजीत कुमार को भी गिरफ्तार किया है. 27 वर्षीय आरोपी को रफीगंज थाना क्षेत्र से पकड़ा गया. पुलिस के अनुसार, चोरी के हाइवा की पहचान छिपाने के लिए उस पर दूसरे वाहन का नंबर लगाया गया था.
सुबह मिली चोरी के वाहन की सूचना
पुलिस के मुताबिक 24 अगस्त की सुबह करीब 6:30 बजे एसपी हजारीबाग को चोरी हुए हाइवा के बारे में सूचना मिली. बताया गया कि वाहन फर्जी नंबर प्लेट के साथ चौपारण होते हुए गया की तरफ ले जाया जा रहा है. सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पदमा ओपी प्रभारी पुअनि श्रवण कुमार के नेतृत्व में टीम तैयार की गई. पुलिस टीम बिना देर किए जीटी रोड के रास्ते चौपारण पहुंची.
चौपारण से आगे निकल चुका था हाइवा
चौपारण में जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि संदिग्ध हाइवा वहां से आगे गया की ओर निकल चुका है. इसके बाद पदमा पुलिस ने बिहार के गया जिले की आमस थाना पुलिस से संपर्क किया. आमस पुलिस से टोल प्लाजा पर वाहन की जांच करने और उसे रोकने में सहयोग मांगा गया.
टोल से पहले छोड़कर भागा चालक
आमस थाना पुलिस ने टोल प्लाजा पर वाहनों की जांच शुरू कर दी. इसी दौरान एक संदिग्ध हाइवा टोल से कुछ दूरी पहले खड़ा मिला. पुलिस के मुताबिक, हाइवा का चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग गया. कुछ देर बाद पदमा ओपी की टीम भी वहां पहुंच गई. पुलिस ने हाइवा की बारीकी से जांच शुरू की.
इंजन नंबर से खुला चोरी के वाहन का राज
जांच के दौरान हाइवा का चेसिस नंबर घिसा हुआ मिला. वहीं, इंजन नंबर की जांच करने पर वह चोरी हुए हाइवा से मेल खा गया. वाहन पर JH10CJ-5636 नंबर की प्लेट लगी थी. पुलिस की जांच में पता चला कि यह नंबर हाइवा का नहीं, बल्कि एक कार का है. इसके बाद पुलिस ने हाइवा को जब्त कर लिया.
रफीगंज से आरोपी गिरफ्तार
वाहन मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की. पदमा पुलिस रफीगंज थाना पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से बलिगांव निवासी रंजित कुमार उर्फ रामजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. रफीगंज थाना में उसके खिलाफ 2019 और 2020 में बिहार उत्पाद अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं. इसके अलावा वर्ष 2022 में सासाराम मुफस्सिल थाना में उसके खिलाफ धारा 392/411 भादवि के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है.
असली नंबर JH16F-7071, फर्जी नंबर JH10CJ-5636
पुलिस के अनुसार, बरामद हाइवा का वास्तविक रजिस्ट्रेशन नंबर JH16F-7071 है. वाहन की पहचान छिपाने के लिए उस पर JH10CJ-5636 नंबर लगाया गया था. यह मामला बरही, पदमा ओपी थाना कांड संख्या 116/2026 से जुड़ा है. प्राथमिकी 6 अप्रैल 2026 को दर्ज की गई थी. मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4) और 303(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
छापेमारी टीम में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
कार्रवाई में पदमा ओपी प्रभारी पुअनि श्रवण कुमार के साथ पुअनि राजेश कुमार हाजरा, पुअनि संदीप कुमार और पुअनि आलोक कुमार सोरेन शामिल रहे. इसके अलावा पदमा ओपी रिजर्व गार्ड के जवानों ने भी अभियान में सहयोग किया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.