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  • 2026-08-26

Chatra News: चतरा में दारोगा दंपति के सरकारी आवास से नाबालिग बच्ची बरामद, प्रताड़ना के आरोप में दोनों निलंबित

Chatra News: चतरा में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. एक नाबालिग बच्ची को सदर थाना परिसर स्थित दारोगा दंपति के सरकारी आवास से बरामद किया गया है. बच्ची के चेहरे पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है. मामले में एसपी अनिमेष नैथानी ने महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज और उनके पति टीपू अंसारी को निलंबित कर दिया है.


गुप्त सूचना मिलने के बाद सरकारी आवास में पहुंची बाल कल्याण समिति

मामला रविवार को सामने आया. बाल कल्याण समिति की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दारोगा दंपति के सरकारी आवास पर कार्रवाई की. टीम की अगुवाई बाल कल्याण समिति की सदस्य सह बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट प्रियंका अधिकारी ने की. जांच के दौरान वहां से नाबालिग बच्ची को बरामद किया गया.


बच्ची ने दंपति पर लगाये मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाए हैं

रेस्क्यू के समय बच्ची के चेहरे पर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई है. आरोप है कि उससे सरकारी आवास में घरेलू काम कराया जा रहा था. बच्ची ने बाल कल्याण समिति के सामने मारपीट और प्रताड़ना के आरोप भी लगाए हैं. हालांकि, इन आरोपों की पूरी सच्चाई जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी.

बच्ची की मेडिकल जांच कराई गई. इसके बाद बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज किया गया. सुरक्षा और देखभाल के लिए बच्ची को बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है.


जांच रिपोर्ट के बाद एसपी ने दारोगा दंपति को किया निलंबित

मामले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी अनिमेष नैथानी ने महिला थाना प्रभारी फिरदौस नाज और सदर थाना में तैनात उनके पति टीपू अंसारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि में पुलिस लाइन में योगदान देने का निर्देश दिया गया है. साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है.

एसडीपीओ सन्नी वर्धन के अनुसार, दोनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बाल कल्याण समिति की ओर से पत्र मिला है. सदर थाना प्रभारी को मामला दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून सभी के लिए बराबर है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.


जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

पुलिस और संबंधित विभाग इस बात की जांच कर रहे हैं कि नाबालिग बच्ची सरकारी आवास में कब से और किन परिस्थितियों में रह रही थी. बच्ची से जुड़े आरोपों की जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी.

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