Jharkhand News: सड़क और पुल की सुविधा नहीं होने से साहिबगंज के बरहेट प्रखंड के दुमली गांव के ग्रामीण आज भी मुश्किल हालात में आवागमन करने को मजबूर हैं. सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के मौसम में बढ़ जाती है. नदी का जलस्तर बढ़ते ही ग्रामीणों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं.
जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं बच्चे
दुमली गांव के स्कूली बच्चों को भी इसी रास्ते से होकर विद्यालय जाना पड़ता है. बारिश के दौरान नदी का बहाव तेज होने पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहता है. कई बार पानी अधिक होने के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते. इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है.
कीचड़ और पानी के बीच सफर
ग्रामीणों के मुताबिक गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने से उन्हें कीचड़ और पानी के बीच से गुजरना पड़ता है. बारिश में यह रास्ता और भी मुश्किल हो जाता है.
ग्रामीणों का दावा है कि सड़क और पुल निर्माण के लिए करीब तीन साल पहले प्रशासन को आवेदन दिया गया था. लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ.
ग्रामीणों ने उपायुक्त से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने साहिबगंज उपायुक्त से सड़क और पुल निर्माण की दिशा में जल्द पहल करने की मांग की है. उनका कहना है कि पुल बनने से नदी पार करने का जोखिम खत्म होगा. सड़क बनने से गांव का संपर्क भी बेहतर होगा और बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना आसान हो जाएगा.
तीन साल बाद भी सवाल बरकरार
ग्रामीणों का कहना है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि दुमली के लोगों को बुनियादी सुविधा के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा? बारिश के मौसम में नदी पार करते बच्चों की तस्वीरें एक बार फिर गांव की जमीनी हकीकत सामने ला रही हैं. अब ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का इंतजार है.