Ranchi News: चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह और उनकी पत्नी आरती सिंह के फ्रीज किए गए म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई राहत नहीं दी है। दोनों की ओर से निवेश को रिलीज करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जवाब मांगा है। ईडी को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा।
मामला कोयला घोटाले की जांच के दौरान ईडी की दूसरे चरण की छापेमारी से जुड़ा है। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया था। इसमें एलबी सिंह से जुड़ी कंपनी के निवेश के साथ उनकी पत्नी आरती सिंह के नाम पर किए गए निवेश भी शामिल बताए गए हैं।
86 करोड़ रुपये के निवेश का जिक्र
जानकारी के अनुसार, फ्रीज किए गए निवेश में करीब 60 करोड़ रुपये देव प्रभा माइनिंग एंड इंफ्रा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं। वहीं, करीब 26 करोड़ रुपये का म्यूचुअल फंड निवेश आरती सिंह के नाम पर बताया गया है।
ईडी की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए एलबी सिंह और आरती सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की पीठ में हुई।
याचिकाकर्ताओं ने कार्रवाई को बताया गलत
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए फ्रीज किए गए निवेश को रिलीज करने की मांग की गई। वहीं, ईडी ने अपनी कार्रवाई को कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप बताया। ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ईडी को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। फिलहाल फ्रीज किए गए म्यूचुअल फंड को रिलीज करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है। मामले में आगे की सुनवाई ईडी के जवाब के बाद होगी।