Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. हादसे के बाद फरार मकान मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया है. इस हादसे में 7 छात्रों की मौत हुई थी. वहीं 8 छात्र गंभीर रूप से घायल हुए थे. घटना रविवार दोपहर करीब 1 बजे की बताई गई है. पुलिस को हादसे की सूचना मिलते ही, टीम मौके पर पहुंची तो पूरी इमारत मलबे में बदल चुकी थी. मलबे में कई छात्र दबे हुए थे.
दिल्ली से लेकर राजस्थान तक चली तलाश
हादसे के बाद मकान मालिक हरिराम बंसल फरार हो गया था. पुलिस को उसके विदेश भागने की भी आशंका थी. इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया. दिल्ली और गुरुग्राम में कई जगह छापेमारी की गई. आखिरकार पुलिस को हरिराम के भिवाड़ी में होने की जानकारी मिली. इसके बाद टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में हरिराम की पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को भी गिरफ्तार किया गया है.
पुरानी इमारत में चार मंजिल और बनाई गई थीं
स्थानीय लोगों के अनुसार इमारत काफी पुरानी थी. आरोप है कि ज्यादा किराया कमाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई. बताया गया कि इमारत की मूल नींव की क्षमता का ध्यान नहीं रखा गया. इसके बावजूद उस पर चार अतिरिक्त मंजिलें बना दी गई थीं. हाल ही में बेसमेंट में पानी भर गया था. इससे इमारत के पिलर कमजोर होने की बात सामने आई है. इसके बाद रविवार को अचानक पूरी इमारत गिर गई. हादसे में कई छात्र मलबे में दब गए.
पीछे की बिल्डिंग भी कराई गई खाली
हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके का जायजा लिया. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. सुरक्षा को देखते हुए हादसे वाली इमारत के ठीक पीछे बनी दूसरी बिल्डिंग को भी खाली करा दिया गया है.
अब इस इमारत को भी गिराया जाएगा.
5 अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई
मामले में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर दिल्ली सरकार ने पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. इनमें एमसीडी साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं. सरकार ने इसके साथ ही दिल्ली के सभी PG और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं. इन जगहों पर सघन सुरक्षा निरीक्षण किया जाएगा, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो. फिलहाल सत्य निकेतन हादसे की जांच जारी है. पुलिस गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.