Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मैथी टोल प्लाजा के पास राजस्थान नंबर वाले एक कंटेनर से पंजाब निर्मित शराब के 375 कार्टन बरामद किए गए हैं. उत्पाद विभाग के मुताबिक, शराब छिपाने के लिए कंटेनर में लोहे की मोटी चादर लगाई गई थी. मामले में हरियाणा के चालक और उपचालक को गिरफ्तार किया गया है.
गुप्त सूचना पर उत्पाद विभाग की कार्रवाई
उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि पंजाब से शराब की बड़ी खेप मुजफ्फरपुर पहुंचने वाली है. इसके बाद एएसआई रंजन कुमार सिंह और अजीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने मैथी टोल प्लाजा के आसपास निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध कंटेनर की तलाश शुरू की.
टोल से पहले खड़ा मिला कंटेनर
उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कंटेनर टोल प्लाजा से करीब 100 मीटर पहले खड़ा था. चालक मोबाइल पर लगातार किसी से बातचीत कर रहा था और किसी के आने का इंतजार कर रहा था. काफी देर तक कोई नहीं पहुंचा तो टीम ने वाहन की जांच शुरू कर दी.
जांच में सामने आया कि कंटेनर के पिछले हिस्से के दोनों किनारों पर मोटी लोहे की चादर लगाई गई थी. अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए की गई थी, ताकि हैंड स्कैनर से जांच के दौरान शराब की खेप आसानी से पकड़ में न आए.
खाली कैरेट के नीचे छिपाई हुई थी शराब
तलाशी के दौरान कंटेनर के अंदर खाली कैरेटों के बीच शराब छिपाने की व्यवस्था मिली. उत्पाद विभाग के मुताबिक, कार्टनों को कैरेटों के नीचे बनाए गए विशेष स्थान में रखा गया था. इसी तरीके से शराब की खेप को छिपाकर ले जाया जा रहा था.
चालक और उपचालक गिरफ्तार
मामले में हरियाणा निवासी चालक कुलदीप और उपचालक रामचरण को गिरफ्तार किया गया है. उत्पाद विभाग के अनुसार, दोनों पंजाब से शराब लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचे थे. कंटेनर पर राजस्थान का नंबर दर्ज था.
उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम के मुताबिक, शराब की खेप को रात में स्थानीय स्तर पर खपाने की तैयारी थी. जांच के दौरान कुछ स्थानीय लोगों के नाम सामने आए हैं. विभाग अब उनकी भूमिका की जांच कर रहा है और संभावित स्थानीय तस्करों की तलाश जारी है.
उत्पाद अधिनियम में होगी कार्रवाई
उत्पाद विभाग के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपितों के खिलाफ शराबबंदी कानून के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है. दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी है. मामले में शराब की खेप से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है.