Jharkhand High Court: रजरप्पा के मां छिन्नमस्तिका मंदिर के विकास और पुनरुद्धार के लिए झारखंड सरकार केंद्र की प्रसाद योजना से फंड मांगने की तैयारी में है. राज्य सरकार ने गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में इसकी जानकारी दी. सरकार के इस पक्ष पर कोर्ट ने मंदिर परिसर से हटाए गए 254 दुकानदारों को लेकर सवाल उठाया. कोर्ट ने पूछा कि जब विकास के लिए केंद्र से फंड मांगा जाना था, तो दुकानदारों को इतनी जल्दी क्यों हटाया गया.
फंड की कमी नहीं होने की बात पर कोर्ट ने जताई हैरानी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पिछली सुनवाई का भी हवाला दिया. कोर्ट ने कहा कि उस समय पर्यटन सचिव की ओर से मंदिर के विकास के लिए फंड की कमी नहीं होने की बात कही गई थी. अब सरकार की ओर से केंद्र से फंड मांगने की बात कही जा रही है. कोर्ट ने डीपीआर तैयार करने में लगे लंबे समय को लेकर भी सवाल किया.
रामगढ़ डीसी कोर्ट में हुए पेश
सुनवाई के दौरान रामगढ़ के उपायुक्त भी कोर्ट में पेश हुए. हाई कोर्ट ने सरकार को मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी. प्रार्थी संजीव कुमार सिंह की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने अदालत के सामने पक्ष रखा.
102 करोड़ का तैयार है डीपीआर
पिछली सुनवाई में अदालत को बताया गया था कि मां छिन्नमस्तिका मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 102 करोड़ रुपये का डीपीआर तैयार किया गया है. राज्य सरकार इसकी तकनीकी स्वीकृति भी दे चुकी है. अब पर्यटन विभाग की प्रशासनिक स्वीकृति मिलना बाकी है.
254 दुकानदारों के पुनर्वास का भी मुद्दा
मंदिर परिसर से हटाए गए 254 वेंडरों के पुनर्वास का मामला भी कोर्ट के सामने है. हाई कोर्ट पहले ही इन दुकानदारों को जल्द अस्थायी दुकान उपलब्ध कराने का निर्देश दे चुका है. दुकानदारों को हटाए जाने के बाद उन्हें दोबारा व्यवस्थित करने और रोजगार की व्यवस्था का मुद्दा भी सुनवाई में उठा है.
2023 के आदेश के पालन को लेकर याचिका
पूरा मामला हाई कोर्ट के 11 अगस्त 2023 के आदेश से जुड़ा है. उस आदेश में मंदिर परिसर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर करने के लिए कई निर्देश दिए गए थे. इनमें मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, स्थायी स्नान घाट, कपड़े बदलने के कमरे, शौचालय, पेयजल, रोशनी और चिकित्सा सुविधा जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं. इसके अलावा अतिक्रमण हटाने और नदी के चौड़ीकरण का भी निर्देश दिया गया था.
प्रार्थी संजीव कुमार सिंह ने इसी आदेश के पालन को लेकर अवमानना याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि भैरवी नदी के किनारे सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है. याचिका में मंदिर परिसर और नदी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है.